दुर्ग। भिलाई-दुर्ग के शांत कहे जाने वाले इलाकों में अब अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। पिछले 24 घंटों में शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चाकूबाजी की तीन बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। इन वारदातों में एक 17 वर्षीय नाबालिग की जान चली गई है, जबकि दो अन्य लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं से शहरवासियों में भारी असुरक्षा और डर का माहौल है।
महाशिवरात्रि की बारात में खूनी खेल
सबसे सनसनीखेज मामला मोहन नगर थाना अंतर्गत शक्ति नगर का है। यहां रहने वाला 17 वर्षीय नानू उर्फ छय, जो शादियों में घोड़ी चलाने का काम करता था, महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में निकल रही भगवान की बारात में शामिल था। उत्सव के माहौल के बीच कुछ युवकों से उसकी कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने बीच सड़क पर चाकू निकालकर नानू पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने नाबालिग के पेट, सिर और शरीर के कई हिस्सों पर कई बार वार किए। लहूलुहान हालत में नानू वहीं गिर पड़ा। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जख्म इतने गहरे थे कि डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
थाने का घेराव और आक्रोश
नाबालिग की मौत की खबर फैलते ही शक्ति नगर के लोग बड़ी संख्या में मोहन नगर थाने पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने जमकर नारेबाजी की और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। लोगों का कहना है कि शहर में नशे और गुंडागर्दी के कारण आम आदमी का सड़क पर निकलना मुश्किल हो गया है।
पुलिस की कार्रवाई और गश्त
लगातार होती वारदातों के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया है। एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि शक्ति नगर हत्याकांड में मर्ग कायम कर लिया गया है। देर रात ही 4-5 संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और निगरानी तेज कर दी गई है।
दुर्ग में बढ़ता ‘चाकू कल्चर’
महज एक दिन में तीन चाकूबाजी की घटनाएं पुलिस की ‘इंटेलिजेंस’ और ‘प्रिवेंटिव चेकिंग’ पर सवाल उठाती हैं। सवाल यह है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों और बारात के दौरान पुलिस की मौजूदगी प्रभावी क्यों नहीं थी? नाबालिगों और युवाओं के पास ये अवैध चाकू और हथियार कहाँ से आ रहे हैं? क्या अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है?








