Trendingआस्थाबड़ी खबर

नलकुबेर का वो श्राप, जिसकी वजह से मां सीता को छूने से डरता था रावण

Ramayan Katha: लंकापति रावण परम ज्ञानी था. त्रेतायुग में उससे बड़ा पंडित कोई नहीं था. वो महान शिव भक्त था. उसने अपने शीश काटकर महादेव को अर्पित किए थे. उसने यमराज, कुबेर और इंद्र सहित सभी देवी-देवताओं पर विजय हासिल कर सबको उसके अधीन रहने के लिए मजबूर कर दिया था. महाशक्तिशाली रावण ने माता सीता का हरण किया था और यही उसके अंत का कारण बना था.

रावण ने माता सीता को लंका के महलों में रखने के बजाय अशोक वाटिका में रखा था. माता जानकी रावण की कैद में थीं, लेकिन रावण में कभी इतना साहस न हो सका कि वो मां के साथ दुराचार करे. इसके पीछे का कारण रावण को मिले श्राप थे, जो उसको कुबेर देव के पुत्र नलकुबेर और ब्रह्मा जी ने दिए थे. श्राप की वजह से ही रावण डरता था. वो जानता था कि जैसे ही उसने माता सीता को छुआ उसका अंत हो जाएगा. वाल्मीकि रामायण के उत्तरकाण्ड में ये पूरी कथा और श्राप के बारे में विस्तार से वर्णन किया गया है.

नलकुबेर का भयंकर श्राप
वाल्मीकि रामायण के उत्तरकाण्ड की कथा के अनुसार, एक बार विजय यात्रा पर निकले हुए रावण ने सभी लोकों पर विजय हासिल कर ली थी. अब उसकी नजर स्वर्गलोक पर थी. वो स्वर्ग को जीतने की ओर अग्रसर था. उसी दौरान रावण ने धनराज कुबेर के पुत्र नलकुबेर की पत्नी अप्सरा रंभा को देखा. रंभा बेहद सुंदर थीं और रिश्ते में रावण की बहू लगती थीं, लेकिन रावण ने रंभा की मर्जी बिना उनके साथ बलपूर्वक दुराचार किया.

जब इस बात का पता नलकुबेर को चला तो वो बहुत क्रोधित हुए. उन्होंने रावण को श्राप दे दिया कि अगर वो आज के बाद किसी भी स्त्री को इच्छा के बिना छुएगा या उसके साथ बलपूर्वक दुराचार करने करने का प्रयास करेगा, तो उसी समय उसके सौ टुकड़े हो जाएंगे और वो मृत्यु को प्राप्त करेगा.

ब्रह्मा जी का श्राप
रावण के दुराचार का शिकार एक बार ‘पुंजिकस्थला’ नामक अप्सरा भी हुई थी. पुंजिकस्थला ब्रह्मा जी की सभा में रहती थी. इस घटना से ब्रह्मा जी बहुत क्रोधित हुए थे. उन्होंने रावण को श्राप दिया था कि अगर वो किसी स्त्री को बिना उसकी इच्छा के छूने का प्रयास करेगा तो उसका सिर फटकर भस्म हो जाएगा. रावण नलकुबेर और ब्रह्मा जी के श्राप में जकड़ा हुआ था, इसलिए उसने कभी माता सीता को छूने की कोशिश नहीं की.

Related Posts

अंबिकापुर में 11 साल की बेटी से दुष्कर्म के आरोप में पिता गिरफ्तार, वकीलों ने केस लड़ने से किया इंकार

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर से एक रूह कँपा देने वाला मामला…

1 of 337