छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के सिविल लाइन थाना परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब लॉकअप में बंद एक आरोपी ने ब्लेड से खुद पर हमला कर दिया। घायल युवक को आनन-फानन में सिम्स (CIMS) अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे छुट्टी दे दी है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश?
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी को अवैध रूप से चाकू रखने के मामले में गिरफ्तार कर लॉकअप में रखा गया था। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने कानूनी कार्रवाई को प्रभावित करने और पुलिस प्रशासन पर अनुचित दबाव बनाने की नीयत से खुद को चोट पहुँचाई है।
मुलाकात के बाद बिगड़ा घटनाक्रम
इस पूरे मामले में एक नया मोड़ तब आया जब यह बात सामने आई कि घटना से कुछ समय पहले ही लॉकअप में बंद युवक से एक महिला और एक नाबालिग ने मुलाकात की थी। इस मुलाकात के तुरंत बाद ही युवक ने ब्लेड से खुद को घायल कर लिया। पुलिस को अंदेशा है कि ब्लेड अंदर पहुँचाने में इन दोनों की कोई भूमिका हो सकती है।
सुरक्षा पर खड़े हुए बड़े सवाल
इस संवेदनशील घटना ने थाना परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
- अत्यंत सुरक्षित माने जाने वाले पुलिस लॉकअप के भीतर ब्लेड जैसी धारदार वस्तु कैसे पहुँची?
- क्या मुलाकातियों की ठीक से चेकिंग नहीं की गई थी?
- क्या ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से इस मामले में कोई लापरवाही हुई है?
पुलिस का बयान: “मामले को हर पहलू से देखा जा रहा है। लॉकअप के भीतर ब्लेड पहुँचने की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”









