बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले की होनहार बेटी और बहू एंजेल चौकसे ने राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी अद्भुत प्रतिभा का परचम लहराया है। नई दिल्ली के प्रतिष्ठित होटल ‘द लीला इंटरनेशनल’ में आयोजित ‘Mrs. India International Queen 2026’ प्रतियोगिता में उन्होंने दुनिया भर से आईं 91 प्रतिभागियों को पछाड़कर ‘Mrs. India International Queen Alluring 2026’ का प्रतिष्ठित ताज अपने नाम किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में जश्न और गर्व का माहौल है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर कड़ा मुकाबला
इस प्रतिष्ठित सौंदर्य प्रतियोगिता में भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, दुबई, कतर, अमेरिका और लंदन से भी कई प्रतिभावान महिलाओं ने हिस्सा लिया था। पांच दिनों तक चली इस कड़ी प्रतिस्पर्धा में प्रतिभागियों को रोज सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक विभिन्न चुनौतीपूर्ण चरणों से गुजरना पड़ा।
प्रतियोगिता के दौरान कैटवॉक, टैलेंट राउंड, इंट्रोडक्शन, प्रश्नोत्तर (Q&A), ग्रूमिंग और पर्सनैलिटी असेसमेंट जैसे कड़े राउंड्स हुए। इन सभी चरणों में एंजेल चौकसे ने अपने आत्मविश्वास, शालीनता और बेहतरीन व्यक्तित्व से निर्णायक मंडल (Judges) को गहराई से प्रभावित किया और फाइनल में यह शानदार खिताब हासिल किया।
42 वर्ष की उम्र में तय किया संघर्ष और अनुशासन का सफर
42 वर्ष की आयु में इस बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर उतरना और ताज अपने नाम करना अपने आप में एक मिसाल है। अपनी इस सफलता के बारे में बात करते हुए एंजेल चौकसे ने बताया कि यह सफर बिल्कुल आसान नहीं था।
प्रतियोगिता की तैयारी के लिए उन्होंने करीब एक साल तक बेहद अनुशासित दिनचर्या का पालन किया:
- नियमित व्यायाम और सख्त प्रोटीन डाइट का पालन
- कैटवॉक, ग्रूमिंग और पब्लिक स्पीकिंग पर विशेष अभ्यास
- परिवार और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाते हुए निरंतर मेहनत
उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए कई गुना अधिक संघर्ष करना पड़ता है, लेकिन यदि आपके भीतर दृढ़ इच्छाशक्ति हो और परिवार का साथ मिले, तो हर चुनौती पार की जा सकती है।
कॉलेज के दिनों का अधूरा सपना वर्षों बाद हुआ पूरा
एंजेल ने साझा किया कि उन्हें कॉलेज के समय से ही फैशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट में गहरी रुचि थी। होम साइंस की पढ़ाई के दौरान उन्होंने ‘Miss Home Science’ का खिताब भी जीता था, तभी उन्होंने बड़े मंच पर चमकने का सपना देखा था। हालांकि, विवाह के बाद पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते वह सपना कुछ समय के लिए पीछे छूट गया था। लेकिन वर्षों बाद उनके पति रितेश चौकसे और पूरे परिवार के अटूट सहयोग ने उन्हें अपने सपनों को दोबारा पंख देने का हौसला दिया।
परिवार को दिया सफलता का श्रेय
एंजेल चौकसे ने अपनी इस बड़ी सफलता का पूरा श्रेय अपने पति रितेश चौकसे, अपनी 21 वर्षीय बेटी विनस चौकसे, अपने माता-पिता, सास-ससुर और संयुक्त परिवार के सभी सदस्यों को दिया है। उन्होंने कहा कि परिवार के विश्वास और त्याग के बिना यह मुकाम हासिल करना असंभव था।
महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा स्त्रोत
अपनी इस जीत को पूरे बिलासपुर और छत्तीसगढ़ की जनता को समर्पित करते हुए एंजेल ने महिलाओं और बेटियों को एक सशक्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा:
“सपनों की कोई उम्र नहीं होती। यदि आपके भीतर जुनून, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास है, तो जीवन के किसी भी पड़ाव पर अपने सपनों को साकार किया जा सकता है। परिवार और जिम्मेदारियां हमारी कमजोरी नहीं, बल्कि हमारी ताकत बन सकती हैं।”
इस ऐतिहासिक जीत ने साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर आज वैश्विक मंच पर देश का नाम रोशन कर रही हैं।










