बिलासपुर। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अटल यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि बेटियां बेटों से आगे हैं। उन्होंने यह उदाहरण देते हुए बताया कि इस वर्ष विश्वविद्यालय में 61 बेटियों को मेडल मिला, जबकि इस रेस में केवल 14 बेटे शामिल थे।
रामनाथ कोविंद ने छात्रों को टेक्नोलॉजी के बदलते दौर में इंसान के भीतर के ‘सॉफ्टवेयर’ यानी मानसिक और नैतिक गुणों पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “सिर्फ तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं, इंसान के भीतर का सॉफ्टवेयर ज्यादा काम आता है। इसलिए बड़े सपने देखिए और उन्हें अमल में लाकर भविष्य बनाइए।”
पूर्व राष्ट्रपति ने छात्रों को सफलता और लक्ष्य निर्धारण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य तैयार करना और उस पर लगातार परिश्रम करना ही सफलता की कुंजी है। इस अवसर पर छात्रों ने उत्साहपूर्वक अपने अनुभव साझा किए और शिक्षा, तकनीकी विकास और नैतिक मूल्यों पर चर्चाओं का हिस्सा बने।








