रायपुर। राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा खंडित खोने के बाद उठा विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। छत्तीसगढ क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल द्वारा सिंधी समाज के भगवान झूलेलाल के ऊपर की गई अपमानजनक टिप्पणी के बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग भी तेज हो गई है।
आज सिंधी समाज ने रायपुर में बड़ी बैठक की। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि, 72 घंटे के अंदर अमित बघेल की गिरफ्तारी नहीं हुई तो सीएम हाउस का घेराव किया जाएगा। पूर्व विधायक और सिंधी समाज के श्रीचंद सुंदरानी ने कहा कि शांत समाज के ऊपर ऐसी टिप्पणी की गई है। हमें अमित बघेल द्वारा पाकिस्तानी बताया जा रहा है जबकि हिंदुस्तान के बंटवारे में हमने पाकिस्तान को छोड़कर हिंदुस्तान को चुना। हमारी मांग है कि, अमित बघेल को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
वही सिंधी समाज के सागर दुल्हानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी हम सबकी है। हम सब उनका सम्मान करते है। हमारे समाज और भगवान के ऊपर टिप्पणी करने के बाद आज तक अमित बघेल की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी मांग को लेकर हम सड़कों पर उतरे है।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि, कुछ दिन पहले रायपुर तेलीबांधा थाना क्षेत्र के वीआईपी चौक स्थित राम मंदिर के पास लगी छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को अज्ञात असामाजिक तत्वों ने देर रात खंडित कर दिया। जिसके बाद छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के कार्यकर्तामौके पर पहुंचे और जमकर हंगामा किया। इस दौरान अमित बघेल और कारकर्ताओं की पुलिस से झड़प भी हुई थी। इसके बाद छत्तीसगढ़िया क्रांति सेवा के अध्यक्ष अमित बघेल ने अपने भाषण में कई विवादित बयान दिए। छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा खंडित करने के बाद अमित बघेल ने बयान जारी किया था। इस दौरान सिंधी और अग्रवाल के आराध्य देव झुलेलाल साईं और महाराजा अग्रसेन के खिलाफ भी उसने गलत टिप्पणी की। साथ ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय के खिलाफ अपशब्द कहे जिसे लेकर अमित बघेल का विरोध भी हो रहा है।










