नई दिल्ली। साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा के दिन यानी 3 मार्च 2026 को लगेगा। यह खण्डग्रास चंद्र ग्रहण भारत के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। इस दिन होलिका दहन भी होगा। हिंदू धर्म में सूर्य और चंद्र ग्रहण को अशुभ समय माना जाता है, इसलिए इस दौरान किसी भी प्रकार के मांगलिक और शुभ कार्य करना वर्जित होता है।
चंद्र ग्रहण का समय
चंद्र ग्रहण इस साल दोपहर 2:16 बजे से शाम 7:53 बजे तक रहेगा। भारत में इसका प्रभाव दोपहर 3:21 बजे से दिखाई देने लगेगा और ग्रहण शाम 7:52 बजे समाप्त होगा।
सूतक काल
चंद्र ग्रहण के दौरान सूतक काल भी लागू होगा। सूतक काल ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले से शुरू होता है। इस साल सूतक काल 3 मार्च को सुबह 9:39 बजे से शुरू होकर शाम 6:46 बजे तक रहेगा।
सूतक काल के दौरान कुछ सावधानियां इस प्रकार हैं:
- सूतक काल शुरू होने से पहले भोजन ग्रहण कर लें।
- देवी-देवताओं के मंत्रों का जाप करें।
- गर्भवती महिलाओं को बाहर नहीं निकलना चाहिए।
- पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों से परहेज करें।
भारत में कहाँ-कहाँ दिखाई देगा
यह खण्डग्रास चंद्र ग्रहण विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, गुवाहाटी और आइजोल में पूरी तरह दिखाई देगा। वहीं, जयपुर, बेंगलुरु, चेन्नई, लखनऊ, दिल्ली और मुंबई में यह आंशिक रूप से दिखाई देगा। चंद्र ग्रहण के दिन धार्मिक मान्यताओं और शुभ कार्यों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।








