अंबिकापुर। अंबिकापुर के लिए बड़ी खुशखबरी है। शहर अब देश की राजधानी दिल्ली से हवाई सेवा के जरिए जुड़ने जा रहा है। Alliance Air 72 सीटर विमान के साथ 29 मार्च से अंबिकापुर–दिल्ली रूट पर उड़ान शुरू करेगी। यह सेवा वाया बिलासपुर संचालित होगी और सप्ताह में दो दिन — सोमवार और बुधवार उपलब्ध रहेगी। विमान सेवा 29 मार्च से 24 अक्टूबर तक के लिए शेड्यूल जारी कर दिया गया है। इससे सरगुजा संभाग को सीधे राष्ट्रीय राजधानी से कनेक्टिविटी मिलेगी।
वीजीएफ मोड पर होगा संचालन
यह उड़ान सेवा वीजीएफ (Viability Gap Funding) मोड पर संचालित होगी। यानी यदि प्रारंभिक चरण में यात्रियों की संख्या कम रहती है और विमानन कंपनी को लाभ नहीं होता, तो घाटे की भरपाई शासन स्तर से की जाएगी।

वीजीएफ ऐसी सरकारी वित्तीय सहायता व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य उन हवाई मार्गों को चालू रखना है जो व्यावसायिक रूप से तुरंत लाभकारी नहीं होते, लेकिन क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और जनहित के लिए आवश्यक हैं। तय अवधि (आमतौर पर तीन वर्ष) तक सरकार एयरलाइन को आय और लागत के अंतर की भरपाई करती है।
उड़ान का समय (शेड्यूल)
सोमवार
- विमान संख्या 91613 दिल्ली से सुबह 7:50 बजे उड़ान भरकर 10:25 बजे बिलासपुर पहुंचेगा।
- 25 मिनट के ठहराव के बाद 10:50 बजे रवाना होकर 11:40 बजे अंबिकापुर पहुंचेगा।
- अंबिकापुर से विमान संख्या 91714 दोपहर 12:05 बजे उड़ान भरकर 14:35 बजे दिल्ली पहुंचेगा।
बुधवार
- विमान संख्या 91713 दिल्ली से सुबह 7:50 बजे उड़ान भरकर 10:25 बजे अंबिकापुर पहुंचेगा।
- 10:50 बजे अंबिकापुर से रवाना होकर 11:40 बजे बिलासपुर पहुंचेगा (25 मिनट ठहराव)।
- बिलासपुर से 12:05 बजे उड़ान भरकर 14:50 बजे दिल्ली पहुंचेगा।
अंबिकापुर और बिलासपुर दोनों जगह 25-25 मिनट का ठहराव निर्धारित किया गया है।
दरिमा स्थित मां महामाया एयरपोर्ट से संचालन
अंबिकापुर से 12 किलोमीटर दूर ग्राम दरिमा स्थित मां महामाया एयरपोर्ट से इस सेवा का संचालन होगा। इससे पहले यहां से 19 सीटर विमान द्वारा रायपुर और बिलासपुर के लिए उड़ान शुरू की गई थी, लेकिन अनियमितता और किराया वृद्धि के कारण सेवा लगभग आठ माह से बंद थी।
लंबी दूरी की सीधी उड़ान की मांग को देखते हुए सांसद चिंतामणि महाराज ने केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर अंचल की आवश्यकता बताई थी। अब दिल्ली कनेक्टिविटी शुरू होने से क्षेत्र के व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वीजीएफ व्यवस्था के कारण शुरुआती दौर में भी उड़ान संचालन निर्बाध रहेगा और भविष्य में यात्री संख्या बढ़ने पर यह रूट आत्मनिर्भर बन सकता है।










