प्रदेश के सुप्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल घटारानी में शनिवार की दरम्यानी रात भीषण आगजनी की घटना सामने आई। रात लगभग 2 बजे लगी आग ने नियमित बाजार की 16 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में लगभग 15 लाख रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। हालांकि, कोई जनहानि नहीं हुई।
आग लगने का पता और घटनाक्रम
मंदिर के पुजारी धनसिंग ध्रुव को रात करीब 2 बजे कुछ फटने जैसी तेज आवाजें सुनाई दीं। उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों और दुकानदारों को सूचित किया। जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे, आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी। प्रारंभिक आशंका है कि आग किसी शरारती तत्व या महुआ बीनने वालों की लापरवाही के कारण फैली हो सकती है।
पानी की किल्लत ने बढ़ाई मुश्किलें
ग्रामीण और दुकानदार बर्तनों में पानी लेकर आग बुझाने का प्रयास किए, लेकिन परिसर में पानी की भारी कमी के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका। पीड़ित दुकानदारों का कहना है कि अगर पानी की उचित व्यवस्था होती, तो दुकानों को जलने से बचाया जा सकता था।
प्रभावित दुकानदार और नुकसान
आग में प्रभावित दुकानदारों में शामिल हैं:
- भीखम साहू (जमाही) – 5 लाख
- राजेंद्र ध्रुव (जमाही) – 2 लाख
- सुनिता देवांगन (चरौदा) – 5 लाख
- मनोज यादव (फुलझर) – 12 हजार
- लीला राम गंधर्व (फुलझर) – 12 हजार
- खेमन ध्रुव (फुलझर) – 15 हजार
- रामकुमार यादव (जमाही) – 15 हजार
- मदन ध्रुव (फुलझर) – 15 हजार
- महेंद्र साहू (फुलझर) – 20 हजार
- नोहर (धनसिंग) – 15 हजार
- पूनम साहू (मुरमुरा) – 25 हजार
- खेलावन ध्रुव (टेमन चरौद)
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है और प्रभावित दुकानदारों के बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है।










