बालोद। बालोद वनमंडल के अंतर्गत दल्लीराजहरा क्षेत्र के ग्राम जपकोहड़ा में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक जंगली भालू के कुएं में गिरने की खबर सामने आई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
वन अमले और उड़नदस्ता दल ने जंगल सफारी रायपुर के मार्गदर्शन में स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से सुनियोजित तरीके से बचाव कार्य किया। कड़ी मशक्कत और सावधानी बरतते हुए टीम ने भालू को सुरक्षित रूप से कुएं से बाहर निकाल लिया। समय रहते किए गए इस प्रयास से एक बेजुबान वन्यजीव की जान बच गई, जिसकी क्षेत्र में सराहना हो रही है।
यह रेस्क्यू ऑपरेशन वन विभाग की तत्परता और दक्षता के साथ-साथ ग्रामीणों की जागरूकता और सहयोग का भी बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आया है।
वहीं, इससे पहले 8 फरवरी को कांकेर जिले के नरहपुर में एक खौफनाक घटना सामने आई थी। आधी रात शराब दुकान के आहाते में सो रहे एक युवक के पास एक जंगली भालू पहुंच गया। करीब चार मिनट तक भालू युवक के आसपास घूमता रहा, जबकि युवक सांस रोके बिना हिले-डुले पड़ा रहा।
इस दौरान जरा सी भी हरकत उसकी जान पर भारी पड़ सकती थी, लेकिन युवक ने धैर्य और समझदारी का परिचय दिया। आखिरकार भालू बिना हमला किए वहां से चला गया और युवक की जान बच गई।
इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और वन्यजीवों की बढ़ती आवाजाही को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। वन विभाग से लोगों ने निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।









