Zomato platform fee: ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) ने एक बार फिर से अपनी प्लेटफॉर्म फीस (Platform Fee) बढ़ा दी है. कंपनी ने बीते शुक्रवार से अपनी प्लेटफॉर्म फीस 12.50 रुपये से बढ़ाकर 14.90 रुपये प्रति ऑर्डर कर दी है, जो कि 2.40 रुपये की बढ़ोतरी है.
क्या होता है प्लेटफॉर्म फीस?
प्लेटफॉर्म फीस एक तरह का चार्ज होता है, जो हर ग्राहक को देना पड़ता है. डिलीवरी चार्ज राइडर को जाती है, लेकिन प्लेटफॉर्म फीस सीधे कंपनी की जेब में जाती है. प्लेटफॉर्म फीस इस बात पर निर्भर नहीं करता कि आपने कितने का खाना मंगाया है. यह रकम पहले से फिक्स्ड होती है.
कंपनियां ऑपरेटिंग खर्च को चलाने, ऐप को मैनेज करने और मुनाफा कमाने के लिए प्लेटफॉर्म फीस वसूलती हैं. प्लेटफॉर्म फीस का बढ़ना फूड डिलीवरी इंडस्ट्री में बढ़ती लागत के एक बड़े ट्रेंड का हिस्सा है क्योंकि कंपनियां अपने मार्जिन को बेहतर बनाने और ऑपरेशनल खर्चों को मैनेज करने की लगातार कोशिश कर रही हैं.
Zomato की प्रतिद्वंदी कंपनी Swiggy भी मौजूदा समय में हर ऑर्डर पर 14.99 रुपये (GST सहित) प्लेटफॉर्म फीस वसूल रही है.
कंपनी ने क्यों किया ऐसा?
पिछले कुछ सालों में Zomato ने इस फीस को धीरे-धीरे बढ़ाते हुए अब 14.90 रुपये प्रति ऑर्डर तक पहुंचा दिया है. इस बढ़ोतरी से ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने वाले ग्राहकों के लिए कुल लागत थोड़ी बढ़ सकती है. फीस में यह बढ़ोतरी कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच हुई है, जिससे लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी का खर्च बढ़ रहा है. कंपनी अपने बढ़े हुए खर्च को मैनेज करने के लिए ऐसा कर रही है.
कितना होगा फायदा?
बताया जा रहा है प्लेटफॉर्म फीस में प्रति ऑर्डर 2.40 रुपये की बढ़ोतरी से कंपनी को हर तीन महीने में लगभग 64-65 करोड़ के अतिरिक्त लाभ होने का अनुमान है.









