लोरमी: लोरमी क्षेत्र से लापता हुए सेवानिवृत्त लेखा अधिकारी दामोदर सिंह राजपूत की हत्या का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने लापता होने के नौवें दिन पंडरिया से करीब 17 किमी दूर देवसरा जंगल में जमीन में दफन उनका सड़ी-गली हालत में शव बरामद किया।
जांच में सामने आया है कि जमीन विवाद के चलते 3 लाख रुपये की सुपारी देकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। मुख्य आरोपी संजय यादव ने पुलिस पूछताछ में कबूल किया कि उसने अपने साथी मुन्ना सिंह और एक अन्य युवक के साथ मिलकर दामोदर सिंह का अपहरण किया और गमछे से गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को जंगल में दफना दिया गया।
पुलिस ने संदेहियों पर नजर रखते हुए 28 मार्च को पांच लोगों को हिरासत में लिया था। आरोपी संजय की निशानदेही पर अगले ही दिन शव बरामद किया गया।
इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। परिजन और समाज में भारी आक्रोश है। समाज ने 29 मार्च को थाना घेराव का ऐलान भी किया था, जिसे पुलिस के निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया।
पुलिस को आशंका है कि इस हत्याकांड में मृतक के कुछ रिश्तेदार भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल अन्य आरोपियों से कड़ी पूछताछ जारी है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।










