भिलाई (दुर्ग), छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित सुपेला थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने के मामले में फरार चल रहे मोहम्मद आरिफ हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है। करीब सवा तीन साल तक कानून की आंखों में धूल झोंककर विदेश (दुबई) में छिपे बैठे इस आरोपी को कोलकाता एयरपोर्ट से दबोचा गया।
दुबई से कोलकाता पहुंचते ही बजा खतरे का अलार्म
आरोपी मोहम्मद आरिफ हुसैन (32 वर्ष) के खिलाफ पुलिस ने पहले ही लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया था। 2 जनवरी 2026 को जैसे ही वह दुबई से फ्लाइट लेकर कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा, आव्रजन (Immigration) विभाग के सिस्टम में उसके खिलाफ अलर्ट बज उठा। सतर्क अधिकारियों ने उसे तुरंत हिरासत में लिया, जिसके बाद सुपेला पुलिस की टीम कोलकाता रवाना हुई और ट्रांजिट रिमांड पर उसे भिलाई लेकर आई।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 15 अक्टूबर 2022 का है, जब एक युवती ने सुपेला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
- धोखाधड़ी और शोषण: पीड़िता ने आरोप लगाया था कि कृष्णा नगर निवासी मोहम्मद आरिफ ने उसे शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाए।
- धमकी और गाली-गलौज: जब पीड़िता ने शादी के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी ने शादी से इनकार करते हुए उसे भद्दी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी।
- फरारी: रिपोर्ट दर्ज होते ही गिरफ्तारी के डर से आरोपी देश छोड़कर दुबई भाग गया था।
पुलिस की रणनीति: LOC बनी काल
जब पुलिस को पता चला कि आरिफ दुबई में रहकर काम कर रहा है, तो दुर्ग पुलिस ने न्यायालय से अनुमति लेकर उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कराया। यह एक ऐसा हथियार है जो किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपराधी के पासपोर्ट स्कैन होते ही पुलिस को सूचना दे देता है।
आरोपी का विवरण
- नाम: मोहम्मद आरिफ हुसैन
- पिता: मोहम्मद शाकिर हुसैन
- उम्र: 32 वर्ष
- पता: कृष्णा नगर, वार्ड नंबर 4, ताज बिरयानी के पास, सुपेला, जिला दुर्ग।
वरिष्ठ अधिकारियों का रुख
दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी।
“अपराधी चाहे दुनिया के किसी भी कोने में छिप जाए, वह कानून से बच नहीं सकता। लुकआउट सर्कुलर और आधुनिक जांच तकनीक के जरिए हम हर उस फरार आरोपी को वापस लाएंगे जो न्याय प्रक्रिया से भाग रहा है।” — विजय अग्रवाल, एसएसपी दुर्ग









