बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक प्राचार्य को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी प्राचार्य पर विकलांग व्याख्याता से रुका हुआ वेतन पास करने के एवज में 15 हजार रुपये की मांग करने का आरोप है।
ACB ने ट्रैप कार्रवाई कर भाटापारा रेलवे स्टेशन के पास आरोपी प्राचार्य आर.एन. बया को 15,000 रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, मोपका निवासी खेमेश्वर डांडे ने शिकायत दर्ज कराई थी। उनके पिता विजय कुमार डांडे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोपका में व्याख्याता हैं। वर्ष 2017-18 में दुर्घटना के बाद वे विकलांग हो गए थे, लेकिन इसके बावजूद नियमित रूप से स्कूल जाते रहे।
शिकायत में आरोप है कि प्राचार्य वेतन निकालने में लगातार आना-कानी करते थे और हर महीने 10 हजार रुपये रिश्वत लेकर वेतन आहरण कराते थे। कई बार यह रकम आरोपी ने अपने बैंक खाते में भी जमा करवाई।
बताया गया कि छह महीने पहले प्राचार्य ने 10 हजार के बजाय 15 हजार रुपये की मांग की। रकम नहीं देने पर छह महीने का वेतन रोक दिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर प्रार्थी ने ACB रायपुर से संपर्क किया। शिकायत के सत्यापन के बाद ACB ने जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।










