रायपुर। लोकसभा के चल रहे बजट सत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस आमने-सामने खड़ी हैं, लेकिन हाल ही में संसद परिसर से आई एक फोटो ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया हड़कंप मचा दिया है। इस फोटो में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और दिग्विजय सिंह एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। फोटो में सभी नेताओं के बीच कोई गंभीर मंथन भी देखा गया है।
बृजमोहन अग्रवाल की मुलाकात पर सियासी तापमान बढ़ा
सांसदों की इस मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में कयासों और बयानबाज़ी का दौर शुरू कर दिया है। छत्तीसगढ़ में इस फोटो को लेकर राजनीतिक समीक्षकों का मानना है कि बृजमोहन अग्रवाल लंबे समय से सरकार पर सवाल उठाते आए हैं। जंबूरी में भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाने से लेकर धान खरीदी, पेयजल और कानून व्यवस्था जैसे मामलों में लगातार सरकार पर आरोप लगाने के कारण यह मुलाकात नए राजनीतिक समीकरणों की संभावना को जन्म दे रही है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का बयान
इस मुलाकात पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा: “अनुशासन बहुत बड़ी बात है। कांग्रेस मंडल बना लेगी, लेकिन अनुशासन कहां से लाएगी। बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि राहुल और प्रियंका गांधी के बीच कोई और बात कर रहा था, वो वहां खड़े थे।” उपमुख्यमंत्री का यह बयान राजनीतिक चर्चा को और गर्म कर रहा है।
बीजेपी प्रवक्ता का नजरिया
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अनुराग अग्रवाल ने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल छत्तीसगढ़ के अनुभवी और पुराने नेता हैं। सात बार विधायक और कई बार मंत्री रह चुके सांसद के साथ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की मुलाकात उनके लिए सीखने का अवसर है। अनुराग अग्रवाल ने कहा “भूपेश बघेल द्वारा फोटो के बाद उठाए जा रहे राजनीतिक दावे गलत हैं। राजनीति सीखने के लिहाज से यह मुलाकात महत्वपूर्ण है।”
कांग्रेस का बयान
वहीं कांग्रेस के छत्तीसगढ़ संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह फोटो केवल बृजमोहन अग्रवाल के समर्थकों द्वारा सियासी चर्चा को हवा देने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संसद के भीतर नेताओं के व्यक्तिगत रिश्ते अलग होते हैं, और इसमें कोई नई राजनीति नहीं है।
क्यों हुई चर्चा
सियासी विश्लेषकों का कहना है कि बृजमोहन अग्रवाल लगातार सरकार से सवाल उठाते रहे हैं, चाहे जंबूरी, धान खरीदी, पेयजल, कानून व्यवस्था या शहर की सफाई हो। ऐसे में जब संसद भवन से फोटो सामने आई, तो छत्तीसगढ़ की राजनीति में लोग तुरंत नए राजनीतिक समीकरण को लेकर अटकलें लगाने लगे।
इस फोटो ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि छत्तीसगढ़ में सियासी माहौल बेहद संवेदनशील और जटिल है, और छोटे-छोटे संकेत भी राजनीति में बड़ा असर डाल सकते हैं।







