कोरबा: छत्तीसगढ़ के ऊर्जाधानी कोरबा से एक रूह कंपा देने वाली और अमानवीय घटना सामने आई है। दर्री थाना क्षेत्र के एनटीपीसी कावेरी विहार कॉलोनी में सरेआम गुंडागर्दी का नंगा नाच देखने को मिला। यहाँ एक युवक को न केवल बेरहमी से पीटा गया, बल्कि उसे निर्वस्त्र कर पूरी कॉलोनी में दौड़ाया गया। इस खौफनाक मंजर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
बाइक का विवाद और दरिंदगी की हदें
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना बीते 27 मार्च की है। पीड़ित की पहचान अमरदास के रूप में हुई है, जो कावेरी विहार स्थित सर्वेंट क्वार्टर में रहता है। बताया जा रहा है कि अमरदास का परिचय बिलासपुर के रतनपुर निवासी सरोज कुमार से था। विवाद की जड़ एक पुरानी बाइक बनी। आरोप है कि अमरदास कुछ समय पहले सरोज की बाइक लेकर गया था, लेकिन न तो उसने गाड़ी लौटाई और न ही वह फोन उठा रहा था।
इसी बात का बदला लेने के लिए सरोज कुमार अपने कुछ साथियों के साथ कोरबा पहुँचा। 27 मार्च को जब उन्होंने अमरदास को कावेरी विहार कॉलोनी के पास घेरा, तो विवाद मारपीट तक जा पहुँचा।
महिलाओं के सामने निर्वस्त्र कर लहूलुहान किया
आरोपियों पर खून इस कदर सवार था कि उन्होंने कानून का खौफ ताक पर रख दिया। उन्होंने अमरदास के सारे कपड़े उतार दिए और उसे सरेआम निर्वस्त्र कर दिया। इसके बाद उसे सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर लात-घूसों और डंडों से पीटा गया। इस अमानवीय कृत्य को देखकर राहगीर और कॉलोनी की महिलाएं सहम गईं। जब डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची, तब कहीं जाकर पीड़ित की जान बची।
वीडियो वायरल होने के बाद जागी पुलिस
हैरानी की बात यह है कि शुरुआत में दर्री पुलिस ने इस मामले को हल्के में लिया। पीड़ित अमरदास की शिकायत पर आरोपी सरोज कुमार के खिलाफ केवल ‘साधारण मारपीट’ की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। पुलिस का तर्क था कि उस वक्त निर्वस्त्र करने की बात सामने नहीं आई थी।
लेकिन जैसे ही इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैला, पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। वीडियो में साफ दिख रहा है कि किस तरह युवक की गरिमा को तार-तार किया गया है।
थाना प्रभारी आशीष सिंह का बयान:
“वीडियो संज्ञान में आने के बाद मामले की दोबारा गहनता से जांच की जा रही है। प्रारंभिक एफआईआर में अब गंभीर धाराएं जोड़ी जाएंगी। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
बड़ा सवाल: भीड़ का न्याय या कानून की विफलता?
इस घटना ने एक बार फिर समाज और पुलिसिंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या महज एक बाइक के विवाद में किसी इंसान को सरेआम नंगा कर पीटना जायज है? कोरबा जैसी व्यस्त जगह पर ऐसी घटना होना अपराधियों के बेखौफ होने की तस्दीक करता है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस उन ‘साथियों’ को कब तक सलाखों के पीछे भेजती है जिन्होंने इस शर्मनाक कृत्य में साथ दिया।










