रायपुर: छत्तीसगढ़ से सफर करने वाले रेल यात्रियों के लिए एक परेशान करने वाली खबर सामने आई है। रायपुर और बिलासपुर रेल मंडल के स्टेशनों और ट्रेनों में अब ‘रेल नीर’ की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है। IRCTC ने नागपुर स्थित रेल नीर प्लांट से होने वाली सप्लाई को 14 अप्रैल तक रोकने का कड़ा फैसला लिया है।
क्यों रुकी सप्लाई?
भीषण गर्मी की शुरुआत होते ही पानी की डिमांड में जबरदस्त इजाफा हुआ है। नागपुर स्थित रेल नीर प्लांट की उत्पादन क्षमता रोजाना 6,000 पेटी की है। मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर को देखते हुए, आईआरसीटीसी ने फैसला लिया है कि नागपुर प्लांट अब प्राथमिकता के आधार पर अपने ‘वेस्ट जोन’ (महाराष्ट्र और आस-पास के क्षेत्रों) में ही पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। इसका सीधा असर अब छत्तीसगढ़ के यात्रियों पर पड़ रहा है।
यात्रियों की जेब पर पड़ेगा भारी बोझ
रेलवे स्टेशनों पर ‘रेल नीर’ अपनी शुद्धता और किफायती दाम (₹15 प्रति लीटर) के लिए जाना जाता है। इसकी अनुपलब्धता के बाद अब यात्रियों को मजबूरी में दूसरे निजी ब्रांड का पानी खरीदना पड़ रहा है।
मुख्य चुनौतियां:
- महंगा पानी: प्राइवेट ब्रांड्स के पानी की कीमतें अक्सर रेल नीर से अधिक होती हैं।
- वेंडरों की मनमानी: यात्रियों को डर है कि पानी की किल्लत का फायदा उठाकर वेंडर निर्धारित रेट से ज्यादा वसूली कर सकते हैं।
- विकल्प की कमी: रेलवे फिलहाल ‘ब्लू ब्रांड’ के पानी से व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इसकी निरंतरता और क्वालिटी को लेकर यात्री असमंजस में हैं।
14 अप्रैल तक रहेगी किल्लत
रेलवे प्रशासन के अनुसार, यह स्थिति कम से कम 14 अप्रैल तक बनी रहने की संभावना है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी यात्रा के दौरान पर्याप्त पानी साथ रखें या स्टेशन पर अधिकृत वेंडरों से ही पानी खरीदें।
विशेष सुझाव: यदि कोई वेंडर आपसे पानी की बोतल पर प्रिंट रेट (MRP) से ज्यादा पैसे मांगता है, तो इसकी शिकायत तुरंत ‘RailMadad’ (139) पोर्टल या ऐप पर करें।









