रायपुर। छत्तीसगढ़ ने अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राज्य की पहली राष्ट्रीय राजमार्ग सुरंग के निर्माण के सफल पूर्ण होने की घोषणा की है। यह सुरंग रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे (एनएच-130 सीडी) का अहम हिस्सा है और तीन राज्यों- छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश—के बीच इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी।
2.79 किलोमीटर लंबी यह ट्विन ट्यूब सुरंग उच्च सुरक्षा मानकों और आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों से लैस होगी। एनएचआइ अधिकारियों के अनुसार 464 किलोमीटर लंबे 6 लेन एक्सप्रेस-वे का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है, जो रायपुर, धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, कोरापुट और सब्बावरम को जोड़ते हुए सीधे विशाखापट्टनम बंदरगाह तक पहुंचेगा।
भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे इस मार्ग के तैयार होने से रायपुर-विशाखापट्टनम यात्रा का समय 12-14 घंटे से घटकर केवल 7-8 घंटे रह जाएगा। इससे व्यापार, उद्योग, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन क्षेत्रों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
एनएचआइ के अधिकारियों ने बताया कि कांकेर जिले के बासनवाही में बन रही सुरंग के दोनों हिस्सों को जोड़ने का कार्य निर्णायक चरण में पहुंच गया है। इस सुरंग के पूरा होने से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी, निर्यात-आयात की लागत घटेगी और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना छत्तीसगढ़ के अधोसंरचना विकास में मील का पत्थर साबित होगी।










