कोरबा। छत्तीसगढ़ के ऊर्जाधानी कोरबा से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है, जहां बोर्ड परीक्षा के दिन ही 12वीं के एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र के परीक्षा केंद्र नहीं पहुंचने पर जब शिक्षक उसके घर पहुंचे, तब इस दर्दनाक घटना का खुलासा हुआ। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।
परीक्षा केंद्र नहीं पहुंचा छात्र, तो घर पहुंचे शिक्षक
जानकारी के मुताबिक, मृतक छात्र उज्वल डडसेना SECL DAV स्कूल में कक्षा 12वीं का छात्र था। वह रामपुर आईटीआई बस्ती में अपनी दीदी और जीजा के घर रहकर पढ़ाई कर रहा था। बोर्ड परीक्षा का दिन होने के बावजूद जब उज्वल काफी देर तक स्कूल नहीं पहुंचा, तो शिक्षकों को चिंता हुई और वे उसके घर पहुंचे।
दरवाजा तोड़ा तो कमरे में मिला शव
घर पहुंचने पर काफी देर तक दस्तक देने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला, तो शिक्षकों ने संदेह होने पर दरवाजा तोड़ा। अंदर का नजारा देख सबके होश उड़ गए; उज्वल का शव पंखे से लटका हुआ था। घटना के वक्त वह घर पर अकेला था। उसकी दीदी आत्मानंद स्कूल में शिक्षिका हैं और ड्यूटी पर गई थीं, जबकि जीजा अपने फोटोग्राफी के काम से बाहर थे।
सुसाइड नोट: “मेरी लाश मेडिकल कॉलेज को दे दी जाए”
पुलिस को मृतक की जेब से अंग्रेजी में लिखा एक सुसाइड नोट मिला है। कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि छात्र ने सुसाइड नोट में अपनी अंतिम इच्छा जाहिर करते हुए लिखा है कि “मेरे मरने के बाद मेरा शव मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया जाए।”
जांच में जुटी पुलिस
छात्र ने इतना बड़ा आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसका सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। परिजनों और शिक्षकों से पूछताछ की जा रही है ताकि आत्महत्या के पीछे के कारणों (जैसे परीक्षा का तनाव या कोई अन्य निजी कारण) का पता लगाया जा सके।










