रायपुर। छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए आज से राजधानी में ‘रायपुर साहित्य उत्सव’ का भव्य आगाज़ हो रहा है। नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन के सुरम्य वातावरण में आयोजित यह 3 दिवसीय महोत्सव साहित्य, कला और विचार-मंथन का एक साझा मंच बनेगा।
देशभर के दिग्गज साहित्यकारों का जमावड़ा
इस उत्सव में देश के जाने-माने साहित्यकार, कवि, विचारक और कलाकार शिरकत कर रहे हैं।
- साहित्यिक संवाद: विभिन्न सत्रों में ज्वलंत विषयों पर विचार-मंथन होगा।
- कविता पाठ: देश और प्रदेश के प्रतिष्ठित कवि अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।
- सांस्कृतिक प्रस्तुति: छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और कला को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा।
युवाओं और नवोदित रचनाकारों को मिलेगा मौका
इस उत्सव का विशेष फोकस युवाओं और छात्रों में साहित्य के प्रति रुचि जगाना है। नवोदित रचनाकारों के लिए विशेष ‘ओपन माइक’ की व्यवस्था की गई है, जहाँ वे अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे। साहित्य प्रेमियों के लिए प्रतिष्ठित प्रकाशन समूहों के स्टॉल लगाए गए हैं, जहाँ दुर्लभ और नई पुस्तकों का संग्रह उपलब्ध होगा।
आमजन के लिए खास सुविधाएं: फ्री बस सेवा
प्रशासन ने इस महोत्सव को आम लोगों तक पहुँचाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। शहर के मुख्य केंद्रों से पुरखौती मुक्तांगन तक पहुँचने के लिए इन तीन दिनों में निशुल्क बस सेवा उपलब्ध रहेगी। सुबह से लेकर कार्यक्रम की समाप्ति तक बसें नियमित अंतराल पर संचालित होंगी।










