सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इंडियाज गॉट लेटेंट’ के होस्ट और यूट्यूबर समय रैना, पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया और अन्य कलाकारों के केस में फैसला सुनाया है. दरअसल इन लोगों ने अपने शो के दौरान दिव्यांग लोगों का मजाक उड़ाया था. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमलया बागची की अध्यक्षता वाली बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा कि हम इन सभी दंडात्मक बोझ नहीं लगाना चाहते, लेकिन आपको सामाजिक जिम्मेदारी निभानी होगी.
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कॉमेडियन समय रैना, पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया और अन्य कलाकारों के मामले को लेकर सुनवाई की है. इस दौरान SC ने निर्देश दिया कि वे प्रत्येक महीने कम से कम दो फंडरेजर आयोजित करें, ताकि विकलांग व्यक्तियों के इलाज के लिए धन जुटाया जा सके. यह आदेश उनके शो इंडियास गॉट लेटेंट में इस साल पहले विकलांगों का मजाक उड़ाने के लिए दिया गया है. CJI सूर्यकांत ने कहा कि ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के होस्ट और यूट्यूबर समय रैना को आदेश दिया कि वे अपने शो में दिव्यांग लोगों की सफलता की कहानियां दिखाएं, ताकि उनकी मदद के लिए फंड इकठ्ठा किया जा सके.
सुप्रीम कोर्ट का यह यह निर्देश दो जुड़े मामलों से संबंधित था. पहला एक विकलांग व्यक्तियों के प्रति असंवेदनशील टिप्पणियों का और दूसरा यूट्यूब पर उपयोगकर्ता-जनित सामग्री से होने वाले सामाजिक नुकसान का. CJI की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह फंडरेजर का आदेश क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें उन्होंने विकलांग व्यक्तियों की गरिमा और जीवन के अधिकार का उल्लंघन करने वाली ऑनलाइन सामग्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. कोर्ट ने साथ ही अल्लाहबादिया और अन्य द्वारा दायर याचिकाओं की डिजिटल मीडिया में जवाबदेही के बड़े सवाल पर समीक्षा जारी रखी.
बता दें कि समय रैना और अल्लाहबादिया सहित अन्य कलाकारों के खिलाफ ‘इंडियास गॉट लेटेंट’ में अनुचित टिप्पणियों के लिए कई केस दर्ज है. कंटेंट क्रिएटर्स चाहते थे कि जो केस अलग-अलग राज्यों में दर्ज हैं. उन सभी को एक साथ जोड़ा जाए, इसे के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन ने रैना पर आरोप लगाया कि उन्होंने विकलांग व्यक्ति का मजाक उड़ाया और स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) के इलाज की ऊंची लागत के बारे में असंवेदनशील टिप्पणियां की. इसी तरह के आरोप अन्य कॉमेडियनों के खिलाफ भी लगाए गए हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समय रैना, विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घाई, सोनाली ठाकर उर्फ सोनाली आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तंवर पहले ही SMA उपचार के लिए धन जुटाने के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए स्वेच्छा से आगे आ चुके हैं. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उन्हें आदेश दिया कि वे विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों को अपने प्लेटफॉर्म पर मनाएं और आमंत्रित करें ताकि विकलांग व्यक्तियों सहित SMA से पीड़ितों के समय पर इलाज के लिए धन जुटाने के अभियान को बढ़ावा दिया जा सके. बेंच ने कहा कि अगर कॉमेडियन विकलांग व्यक्तियों की उपलब्धियों को पेश करने में ईमानदारी दिखाते हैं, तो वे भी अपने कारण के व्यापक प्रचार के लिए प्लेटफॉर्म पर आएंगे.







