नई दिल्ली। नए साल से ठीक पहले आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ब्याज दरों में कटौती का ऐलान किया है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कमी की है, जिसके बाद रेपो रेट घटकर 5.25% पर आ गया है। यह कटौती होम, कार और अन्य लोन की EMI को सस्ता कर देगी।
इससे पहले भी आरबीआई फरवरी, अप्रैल और जून में ब्याज दरों में कटौती कर चुका है। मौजूदा कैलेंडर ईयर में आरबीआई अब तक 1.25% की कुल कटौती कर चुका है। अगस्त और अक्टूबर में दरें होल्ड पर रहीं। आरबीआई ने मौद्रिक रुख को न्यूट्रल रखा है, यानी आने वाले महीनों में और भी कटौती की संभावना बनी हुई है।
महंगाई अनुमान में बड़ी गिरावट—अब सिर्फ 2% रहने का अनुमान
आरबीआई ने महंगाई के अनुमान में भारी कमी की है। ताजा अनुमान के अनुसार मौजूदा वित्त वर्ष में महंगाई 2% रह सकती है, जो पिछले अनुमान से 0.60% कम है।
तिमाही वार:
- Q3 महंगाई: 0.6% (पहले 1.8%)
- FY27 Q1: 3.9% (पहले 4.5%)
- FY27 Q2: 4%
महंगाई में यह लगातार तीसरी कटौती है, जिसने ब्याज दर कम करने का रास्ता आसान किया।
ग्रोथ अनुमान में बढ़ोतरी—देश की विकास दर 7.3% रहने का अनुमान
आरबीआई ग्रोथ के मामले में काफी आशावादी दिख रहा है। एमपीसी ने ग्रोथ अनुमान में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है। अब वित्त वर्ष 2025-26 में देश की ग्रोथ रेट 7.3% रहने का अनुमान है, जो पहले 6.8% था।
तिमाहीवार अनुमान:
- Q2 ग्रोथ: 8.2% (रीयल ग्रोथ)
- Q3 ग्रोथ: 7% (पहले 6.4%)
- Q4 ग्रोथ: 6.5%
- FY27 Q1: 6.7% (पहले 6.4%)
- FY27 Q2: 6.8%
आरबीआई ने पहली बार ग्रोथ अनुमान को 7% से ऊपर रखा है।
गवर्नर के संकेत हुए सच—EMI में राहत
आरबीआई गवर्नर ने अक्टूबर में ही संकेत दे दिए थे कि महंगाई काफी कम हो चुकी है, इसलिए जल्द ही ब्याज दरों में कटौती संभव है। अब वही हुआ है।
दुनिया के अन्य केंद्रीय बैंकों की तुलना में आरबीआई ने कटौती धीमी गति से की है, जबकि अनुमान है कि अमेरिकी फेडरल रिज़र्व भी अगले हफ्ते दरों में एक और कटौती कर सकता है।
क्या होगा असर?
- होम, कार, पर्सनल लोन की EMI कम होगी
- नए लोन लेना और सस्ता
- रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा
- महंगाई नियंत्रित रहने की उम्मीद
- खपत और बाजार गतिविधि बढ़ने की संभावना









