खैरागढ़: ग्राम चिचोला की किशोरी की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी प्रेमी युवक मोहन वर्मा समेत दो अन्य आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। खैरागढ़ पुलिस के अनुसार, यह पूरा प्रकरण प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ है।
प्रेम प्रसंग और हत्या का मामला
किशोरी और गांव के ही रहने वाले 27 वर्षीय मोहन वर्मा के बीच प्रेम संबंध था। बताया गया है कि किशोरी गर्भवती हो गई थी, और आरोपित ने उसका अबॉर्शन करवाया। इसके बाद किशोरी मोहन पर साथ रहने का दबाव डालने लगी, जिस पर मोहन ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।
घटना महज 12 घंटे में हुई
यह घटना 28 मार्च की रात घटित हुई। किशोरी अपने मामा की शादी में खैरागढ़ आई हुई थी। मोहन ने उसे मिलने बुलाया और अपने दो अन्य साथी- हरीश वर्मा और एक नाबालिग के साथ किशोरी को रास्ते से हटाकर डोंगरगढ़ ले गया। इस दौरान किशोरी के पुराने कपड़े बदल दिए गए ताकि उसकी पहचान न हो।
ट्रेन में हत्या की योजना
मोहन ने किशोरी को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं मानी तो सभी ने वेनगंगा एक्सप्रेस से बिलासपुर की ओर सफर किया। बिलासपुर स्टेशन पर किशोरी की जिद बढ़ गई। इसी दौरान मोहन ने किशोरी को ट्रेन से धक्का देकर मार डाला।
आरोपितों का भागना और सबूत मिटाने की कोशिश
हत्या के बाद मोहन, हरीश और नाबालिग आरोपी अकलतरा रेलवे स्टेशन पर उतरे। तीनों दूसरी ट्रेन में बैठकर डोंगरगढ़ लौट आए। लौटते समय मोहन और नाबालिग ने पीड़िता के कपड़े जला दिए। आरोपितों ने मोबाइल फेंकने और अन्य सबूत मिटाने की योजना भी बनाई थी।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया
खैरागढ़ पुलिस ने जांच में रेलवे स्टेशन और शहर के सीसीटीवी फुटेज का इस्तेमाल किया। डोंगरगढ़ और अकलतरा स्टेशन के कैमरों में आरोपी और नाबालिग एक साथ दिखाई दिए। इन सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपितों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोबाइल और मोटरसाइकिल जब्त की।
किशोरी का शव 29 मार्च को बिलासपुर जिले के जयरामनगर-गतोरा रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक के पास मिला। मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी। खैरागढ़ पुलिस और बिलासपुर पुलिस के बीच समन्वय स्थापित कर मामले की जांच को आगे बढ़ाया गया।










