कोरबा। शहर के इतवारी बाजार इलाके में बुधवार दोपहर एक हैरान करने वाली घटना सामने आई, जिसमें रामपुर विधानसभा के पूर्व विधायक ननकी राम कंवर के पुत्र संदीप कंवर ने कथित रूप से नशे की हालत में जमकर हंगामा किया। आरोप है कि संदीप ने अपनी कार से सेवई बेचने वाले की दुकान में घुसा दी और विरोध करने पर विक्रेता के साथ मारपीट की।
जानकारी के अनुसार, पुरानी बस्ती निवासी संदीप कंवर (52) बुधवार करीब 12:30 बजे अपने घर से स्विफ्ट डिजायर कार क्रमांक CG 12 AY 1868 से निकले थे। इतवारी बाजार के पास अजीम कुरैशी अस्थायी टेबल और टेंट लगाकर सेवई बेच रहे थे। इसी दौरान संदीप की कार वहां खड़ी कुरैशी की दोपहिया वाहन से सट गई।
कुरैशी ने जब सावधानी से वाहन चलाने की बात कही तो संदीप कंवर भड़क उठे। आरोप है कि वे कार से उतरकर कुरैशी के साथ हाथापाई करने लगे। इसके बाद गुस्से में फिर कार में बैठकर उन्होंने दुकान और टेंट को लगातार तीन बार टक्कर मार दी, जिससे दुकान क्षतिग्रस्त हो गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि कार पर “पूर्व विधायक रामपुर” का नेमप्लेट भी लगा हुआ था। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाना ले जाया गया।
थाने में भी संदीप कंवर ने कथित रूप से नशे की हालत में हंगामा किया और पिता का नाम लेकर पुलिस अधिकारियों से अभद्रता की। इस दौरान दो लोग थाने पहुंचे और समझाइश देकर उन्हें उनकी ही कार में बैठाकर वहां से ले गए।
इधर पीड़ित अजीम कुरैशी की बेटी, जो सिविल लाइन थाना में महिला आरक्षक के पद पर पदस्थ है, घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची। उसने अपने पिता के साथ हुई मारपीट पर आपत्ति जताते हुए संदीप कंवर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की।
हालांकि, आरोप है कि कोतवाली थाना में मौजूद अधिकारियों ने रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय शिफ्ट बदलने के बाद डेस्क प्रभारी के आने की बात कहकर मामले को टाल दिया। बाद में केवल शिकायत पत्र लेकर कुरैशी को वापस भेज दिया गया।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं संदीप कंवर
स्थानीय लोगों के अनुसार, संदीप कंवर का नशे की हालत में हंगामा करने का यह पहला मामला नहीं है। करीब आठ महीने पहले ट्रांसपोर्ट नगर नए बस स्टैंड में भी उन्होंने शराब के नशे में हंगामा किया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके अलावा भाजपा नेता देवेंद्र पांडेय के घर जाकर भी नशे की हालत में अभद्रता करने का मामला सामने आ चुका है, जिसमें उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक रसूख और पुलिस कार्रवाई को लेकर भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।










