रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के PTRSU नवीन कन्या (महिला) छात्रावास में दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण दर्जनों छात्राओं के पीलिया से ग्रसित होने का गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, बीमार छात्राओं में से कुछ को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती भी कराना पड़ा है। इस घटना के बाद छात्रावास की व्यवस्थाओं और पेयजल गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
छात्राओं के स्वास्थ्य पर संकट
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से छात्रावास में सप्लाई हो रहे पानी की गुणवत्ता खराब थी। इसके चलते कई छात्राओं को उल्टी, बुखार और कमजोरी जैसे लक्षण महसूस हुए। जांच में पीलिया के मामले सामने आने के बाद हड़कंप मच गया।
छात्राओं और अभिभावकों में इस घटना को लेकर चिंता और आक्रोश का माहौल है। उनका कहना है कि नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण और रखरखाव की व्यवस्था होती तो ऐसी स्थिति नहीं बनती।
NSUI ने सौंपा ज्ञापन
घटना के विरोध में NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष (SM) एवं छात्र नेता पुनेश्वर लहरे प्रशासनिक भवन पहुंचे और कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पेयजल की तत्काल गुणवत्ता जांच, संपूर्ण तकनीकी निरीक्षण तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
साथ ही विश्वविद्यालय के सभी विभागों और कैंपस में लगे वाटर कूलरों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने तथा जिन विभागों में वाटर कूलर उपलब्ध नहीं हैं, वहां तत्काल नए वाटर कूलर स्थापित करने की मांग भी की गई है।
3 दिन का अल्टीमेटम, नहीं तो आंदोलन
NSUI ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 3 दिवस के भीतर प्रभावी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समयसीमा में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो छात्रहित में उग्र और चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
पुनेश्वर लहरे ने कहा, “छात्राओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल प्रभाव से पेयजल व्यवस्था सुधारनी होगी, अन्यथा NSUI आंदोलन के लिए बाध्य होगी।”
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला सचिव ओज पांडे, इंडिया ग्रीत लहरे, दक्ष दिल्लीवार, रीतिक बघेल, अजय सोनवानी, सेजाकत हुसैन सहित अन्य छात्र प्रतिनिधि उपस्थित रहे।










