सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन भी भारी गिरावट का सिलसिला जारी है। निवेशकों द्वारा बड़े पैमाने पर की जा रही प्रॉफिट बुकिंग के चलते दोनों कीमती धातुओं के दाम बुरी तरह टूट गए हैं। घरेलू बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सोना-चांदी दबाव में नजर आ रहे हैं।
सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 2 अप्रैल डिलीवरी वाला सोना करीब 3 प्रतिशत यानी लगभग 4,000 रुपये की गिरावट के साथ 1,38,256 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं 5 मार्च डिलीवरी वाली चांदी करीब 6 प्रतिशत यानी लगभग 16,000 रुपये टूटकर 2,49,713 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेज गिरावट
घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सोमवार सुबह करीब 10 बजे सोना 4.20 प्रतिशत यानी लगभग 206 डॉलर गिरकर 4,689.43 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इसी तरह चांदी भी 6.51 प्रतिशत यानी करीब 5.56 डॉलर टूटकर 79.76 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती नजर आई।
मार्जिन बढ़ने से बढ़ा दबाव
कीमतों में गिरावट की एक बड़ी वजह मार्जिन की जरूरतों में बढ़ोतरी मानी जा रही है। CME के बयान के मुताबिक, गोल्ड फ्यूचर्स के लिए मार्जिन की जरूरतें सभी रिस्क कैटेगरी में बढ़ाई जा रही हैं।
नॉन-हाइटेंड रिस्क पोजीशन के लिए मार्जिन 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 8 प्रतिशत किया जाएगा, जबकि हाइटेंड रिस्क पोजीशन के लिए यह 6.6 प्रतिशत से बढ़कर 8.8 प्रतिशत हो जाएगा।
वहीं सिल्वर फ्यूचर्स के लिए नॉन-हाइटेंड रिस्क पोजीशन का मार्जिन 11 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया जाएगा और हाइटेंड रिस्क पोजीशन के लिए यह 12.1 प्रतिशत से बढ़कर 16.5 प्रतिशत हो जाएगा।
एक्सपर्ट्स की राय
एक्सपर्ट्स का कहना है कि मार्जिन बढ़ने का सीधा असर डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग पर पड़ेगा। ट्रेडर्स को अब ज्यादा पैसे लगाने होंगे, जिससे सट्टेबाजी वाली ट्रेडिंग घट सकती है और बाजार में लिक्विडिटी कम हो सकती है। कमजोर वैश्विक संकेतों और CME द्वारा मार्जिन बढ़ाने के फैसले के बीच निवेशक तेजी से प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं, जिससे सोना-चांदी की कीमतों में इतनी तेज गिरावट देखने को मिल रही है।










