प्रयागराज के महाकुंभ में चर्चाओं का केंद्र बने IITan बाबा अभय सिंह ने विवाह रचा लिया है. शादी के बाद वे अपनी पत्नी प्रीतिका के साथ पहली बार अपने पैतृक शहर झज्जर पहुंचे, जहां उन्हें देखने और मिलने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी.
दरअसल, अभय अपनी पत्नी के साथ बैंक खाते की केवाईसी अपडेट कराने के सिलसिले में झज्जर आए थे. इस दौरान उन्होंने तहसील परिसर स्थित अपने एडवोकेट कर्ण सिंह ग्रेवाल के चैंबर में कुछ समय बिताया और वहीं मीडिया से भी रूबरू हुए.
यहां चाय की चुस्कियों के बीच चेंबर में ही आईआईटी बाबा को देखने और उनके साथ सेल्फी लेने वालों का तांता लगा रहा. कई लोगों ने अभय से पुरानी यादें भी ताजा कीं.
बेंगलुरु की प्रीतिका बनीं हमसफर
इस मौके पर अभय ने बताया कि उनकी पत्नी प्रीतिका बेंगलुरु की रहने वाली हैं और दोनों एक ही विजन के साथ काम कर रहे हैं.
माता-पिता से करेंगे मुलाकात
माता-पिता से मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर अभय सिंह ने कहा कि वे उनसे जरूर मिलेंगे, लेकिन बड़े परिवार की जिम्मेदारियों के चलते कभी-कभी छोटे परिवार से दूरी बनानी पड़ती है.
‘श्री यूनिवर्सिटी’ का सपना
आईआईटीएन बाबा ने अपने भविष्य की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि ‘श्री यूनिवर्सिटी’ के निर्माण पर काम चल रहा है, जहां ज्ञान को एकीकृत (कम्बाइन) करने पर जोर दिया जाएगा. इस यूनिवर्सिटी में शिक्षण के साथ-साथ साधना से जुड़े ज्ञान को भी शामिल किया जाएगा.
पति और पत्नी का एक ही विजन
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य विभिन्न प्रकार की साधनाओं को जानना और सिखाना है, जिसके लिए स्पष्ट विजन होना आवश्यक है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए सांसारिक चीजों से दूरी बनाना जरूरी है. फिलहाल वे हिमाचल प्रदेश में रह रहे हैं.










