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बलरामपुर के चंदाडांडी में अफीम की अवैध खेती का खुलासा: पुलिस अलर्ट, video

बलरामपुर: जिले के कुसमी विकासखंड के करोंधा थाना क्षेत्र के चंदाडांडी गांव से एक बार फिर अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया है। पुलिस को सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में लेकर खेत की निगरानी शुरू कर दी। रात भर सुरक्षा घेरा बनाकर पुलिस ने खेत की रखवाली की, ताकि कोई सबूत नष्ट न कर सके।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सोशल मीडिया पर सवाल उठाए, जिससे यह खबर और चर्चा में आ गई। यह इलाका झारखंड की सीमा से सटा हुआ है, जो सुरक्षा की दृष्टि से चिंता का विषय है।

गौरतलब है कि 10 मार्च को त्रिपुरी में दो एकड़ अफीम की खेती मिलने के बाद प्रशासनिक हड़कंप मच गया था। पुलिस ने 2 खेत मालिकों सहित 7 लोगों को हिरासत में लिया और एनसीबी की मदद से सौ से अधिक मजदूरों की सहायता से अफीम के पौधों को उखाड़ा। मौके से अफीम के सूखे फल भी बरामद किए गए।

जांच में सामने आया कि झारखंड और बिहार के मजदूरों को काम पर लगाया गया था, और खेत की रखवाली के लिए विद्युत तार से सुरक्षा घेरा बनाया गया था। किसानों और ग्रामीणों को फूलों की खेती का झांसा देकर तस्करों ने बड़े पैमाने पर अफीम उगाई।

इस बीच पुलिस अलर्ट मोड पर है, क्योंकि चंदाडांडी में भी नए खेत मिलने के बाद इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुनसान और सीमावर्ती इलाके अब तस्करों के लिए आसान बन गए हैं, और यह छत्तीसगढ़ की कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है। पुलिस और एनसीबी अब पूरे मामले की जांच में जुटी है और देखना है कि इस अवैध खेती का पर्दाफाश कब तक हो पाता है।


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