बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद मुख्य आरोपी अमित जोगी ने अपना बयान जारी किया। अमित जोगी ने कहा कि उन्हें बिना सुनवाई का अवसर दिए केवल 40 मिनट में CBI की अपील स्वीकार कर ली गई, जो उनके लिए अप्रत्याशित और अन्यायपूर्ण है।
उन्होंने कहा, “मुझे खेद है कि जिस व्यक्ति को पहले अदालत ने दोषमुक्त किया था, उसे बिना सुनवाई का एक भी अवसर दिए दोषी ठहरा दिया गया। अदालत ने मुझे तीन सप्ताह के अंदर सरेंडर करने का समय दिया है। मुझे लगता है कि मेरे साथ गंभीर अन्याय हुआ है।”
अमित जोगी ने अपने बयान में न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताया और कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय से उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा, “मैं पूर्ण शांति, आस्था और धैर्य के साथ आगे बढ़ रहा हूँ। सत्य की जीत अवश्य होगी।”
इस बयान के साथ ही मामला न्यायिक प्रक्रियाओं के अगले चरण में पहुँच गया है, और अब उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार अमित जोगी को तीन सप्ताह के भीतर खुद को सरेंडर करना होगा।








