रायपुर। भ्रष्टाचार के एक महत्वपूर्ण प्रकरण में जांच एजेंसी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आबकारी उपायुक्त नवीन प्रताप सिंह तोमर को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई ब्यूरो में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 44/2024 के तहत की गई है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 एवं 8 तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी के तहत अपराध दर्ज है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आरोपी को 18 फरवरी 2026 को विधिवत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में प्रस्तुत कर आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई से खुला मामला
इस प्रकरण की पृष्ठभूमि में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई अहम मानी जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय के क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर के अधिकारियों ने 29 नवंबर 2023 को तीन व्यक्तियों से 28.8 लाख रुपये नकद जब्त किए थे। इस जब्ती की सूचना आवश्यक वैधानिक कार्रवाई हेतु राज्य शासन को भेजी गई थी, जिसके आधार पर जांच एजेंसी ने प्रथम सूचना पत्र दर्ज कर विस्तृत जांच प्रारंभ की।
CSMCL अधिकारियों पर षड्यंत्र का आरोप
विवेचना के दौरान जांच एजेंसी को महत्वपूर्ण दस्तावेजी और तकनीकी साक्ष्य प्राप्त हुए। जांच में सामने आया कि CSMCL (छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के कुछ अधिकारियों द्वारा संबद्ध मैनपावर एजेंसियों को कथित रूप से षड्यंत्रपूर्वक अवैध भुगतान किए जाते थे।
आरोप है कि इन भुगतानों के एवज में एक निश्चित हिस्सा कमीशन के रूप में रिश्वत के तौर पर वापस लिया जाता था। जांच एजेंसी का दावा है कि यह पूरा लेन-देन सुनियोजित तरीके से किया जाता था।
मैनपावर एजेंसियों से जुड़ी कथित रिश्वत
प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जब्त की गई राशि कथित तौर पर मैनपावर एजेंसियों – Eagle Hunter Solutions Limited एवं Alert Commandos Private Limited से संबंधित बताई जा रही है। विवेचना में संकेत मिले हैं कि यह रकम तत्कालीन उप महाप्रबंधक, CSMCL के पद पर पदस्थ रहे नवीन प्रताप सिंह तोमर तक पहुंचाई जानी थी। जांच एजेंसी अब इस कथित वित्तीय प्रवाह की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।










