रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए डिप्टी कलेक्टर के पदों पर भर्ती के नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। अब प्रदेश में डिप्टी कलेक्टर के 50 प्रतिशत पद पदोन्नति के माध्यम से भरे जाएंगे। सरकार के इस फैसले की अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है।
50-50 अनुपात से बढ़ेंगे अवसर
वर्ष 2020 से पहले पदोन्नति का कोटा 50 प्रतिशत था, जिसे पिछली सरकार ने घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया था। कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ लंबे समय से इसे पूर्ववत करने की मांग कर रहा था। अब सीधी भर्ती और पदोन्नति का अनुपात 50-50 हो गया है।
प्रशासनिक अनुभव का फायदा
संघ के प्रवक्ता शशिभूषण सोनी ने बताया कि इस फैसले से तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के पदोन्नति के अवसर बढ़ेंगे। पदोन्नत अधिकारी के पास 10-12 वर्षों का प्रशासनिक अनुभव होता है, जिससे सरकारी कामकाज की गुणवत्ता और आम जनता को लाभ मिलेगा।
सरकार और संघ ने जताया संतोष
कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वित्त मंत्री और राजस्व मंत्री सहित पूरी कैबिनेट का आभार व्यक्त किया। संघ के अनुसार, यह कदम अधिकारियों का मनोबल बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।










