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बस्तर में माओवाद को बड़ा झटका, सुकमा-बीजापुर में 51 सक्रिय नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

सुकमा/बीजापुर। बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को शनिवार को बड़ी सफलता मिली, जब सुकमा और बीजापुर जिलों में कुल 51 सक्रिय माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए आत्मसमर्पण किया। खास बात यह रही कि सुकमा में संगठन के निर्णयकारी ढांचे से जुड़े वरिष्ठ माओवादी कमांडरों ने हथियारों और विस्फोटक सामग्री के साथ सरेंडर किया, जिससे माओवादी संगठन को बड़ा रणनीतिक झटका लगा है।

सुकमा में 21 माओवादियों का सरेंडर, ₹76 लाख के इनामी

सुकमा जिले में 21 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें

  • 3 डिविजनल कमेटी मेंबर (DVCM)
  • 5 एरिया कमेटी मेंबर (ACM) शामिल हैं।

ये सभी कैडर दरभा डिवीजन, दक्षिण बस्तर डिवीजन, केकेबीएन डिवीजन (ओडिशा) और इंद्रावती एरिया कमेटी में सक्रिय रहे हैं और लंबे समय से सुकमा–बीजापुर–ओडिशा बेल्ट में माओवादी गतिविधियों के संचालन में अहम भूमिका निभा रहे थे। इन पर कुल ₹76 लाख का इनाम घोषित था।

आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने

  • 3 AK-47,
  • 2 SLR,
  • 1 INSAS,
  • 3 BGL लॉन्चर,
  • 5 सिंगल शॉट हथियार,
  • बड़ी मात्रा में राउंड, मैगजीन,
  • जिलेटिन, डेटोनेटर और कार्डेक्स वायर
    सुरक्षा बलों को सौंपे।

यह आत्मसमर्पण बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज, एसपी किरण चव्हाण और डीआईजी सीआरपीएफ आनंद सिंह राजपुरोहित की मौजूदगी में हुआ।

बीजापुर में 30 माओवादियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता

इसी दिन बीजापुर जिले में साउथ सब जोनल ब्यूरो से जुड़े 30 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें

  • 20 महिलाएं
  • 10 पुरुष शामिल हैं।

बीजापुर में सरेंडर करने वाले माओवादी पीपीसीएम, एरिया कमेटी सदस्य, पार्टी सदस्य, DAKMS, KAMS और जनताना सरकार अध्यक्ष जैसे पदों पर सक्रिय थे। इन पर कुल ₹85 लाख का इनाम घोषित था।

यहां आत्मसमर्पण डीआईजी (केरिपु आप्स) बीएस नेगी और एसपी डॉ. जितेंद्र कुमार यादव की मौजूदगी में हुआ। इस दौरान कार्डेक्स वायर का एक बंडल और 50 जिलेटिन स्टिक भी सुरक्षाबलों को सौंपी गईं।

सुरक्षा कैंप, सड़कें और विकास योजनाएं बनीं आत्मसमर्पण की वजह

पुलिस अधिकारियों के अनुसार सुदूर और दुर्गम इलाकों में नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना, सड़क कनेक्टिविटी में सुधार, लगातार सफल माओवादी विरोधी अभियान और शासन की विकास योजनाओं की प्रभावी पहुंच से माओवादी संगठन का प्रभाव क्षेत्र तेजी से सिमट रहा है। इसका असर संगठन के भीतर असंतोष और मोहभंग के रूप में सामने आ रहा है।

“माओवादी संगठन अंतिम चरण में” – IG पी. सुंदरराज

बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज ने कहा कि सुकमा में वरिष्ठ माओवादी कमांडरों का आत्मसमर्पण इस बात का संकेत है कि माओवादी संगठन अब अपने अंतिम चरण में पहुंच रहा है। वहीं एसपी किरण चव्हाण और एसपी डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने शेष सक्रिय माओवादियों से अपील की कि वे हिंसा और भ्रामक विचारधारा को छोड़कर ‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’ नीति के तहत मुख्यधारा में लौटें।


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