रायपुर। राजधानी रायपुर के बढ़ते ट्रैफिक दबाव और लगातार बिगड़ती यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। रायपुर लोकसभा सांसद और वरिष्ठ जनसेवी नेता बृजमोहन अग्रवाल के अथक प्रयासों के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने NH-53 रिंग रोड नंबर 1 की सर्विस रोड को 5 मीटर से बढ़ाकर 11 मीटर चौड़ा करने की महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी दे दी है।
सांसद अग्रवाल ने संसद भवन में केंद्रीय मंत्री गडकरी से विशेष मुलाकात कर रायपुर शहर के बढ़ते ट्रैफिक बोझ, आम नागरिकों को हो रही दिक्कतों और रिंग रोड 1 पर सर्विस रोड की अपर्याप्त चौड़ाई का मुद्दा मजबूती से उठाया। उनकी स्पष्ट, तथ्य-संगत और जनता की समस्याओं पर आधारित प्रस्तुति से प्रभावित होकर केंद्रीय मंत्री ने तत्काल इस परियोजना को स्वीकृति प्रदान की और संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
टाटीबंध से तेलीबांधा तक चौड़ी होगी सर्विस रोड
यह चौड़ीकरण टाटीबंध से तेलीबांधा के बीच सबसे व्यस्त मार्ग पर किया जाएगा। यह पूरा क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधीन आता है। चौड़ी होने के बाद सर्विस रोड पर ट्रैफिक का भार अधिक सहजता से विभाजित हो सकेगा।
क्यों जरूरी था चौड़ीकरण?
सांसद अग्रवाल ने बताया कि रिंग रोड 1 को कभी शहर की सीमा के बाहर बनाया गया था, लेकिन तेज शहरीकरण के कारण इसके आसपास बड़े पैमाने पर रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों का विकास हो चुका है। भारी वाहनों व स्थानीय यातायात के कारण यहाँ रोजाना जाम जैसी स्थिति बनती है। मौजूदा 5 मीटर सर्विस रोड इस भारी ट्रैफिक को संभालने में पूरी तरह अक्षम हो चुकी थी।
क्या होगा लाभ?
- NH-53 पर यातायात दबाव में भारी कमी
- स्थानीय एवं भारी वाहनों को अलग लेन
- व्यापारियों, दफ्तर आने-जाने वालों और आम नागरिकों को तेज़ और सुरक्षित आवाजाही
- एंबुलेंस व आपात वाहनों का बेहतर मूवमेंट
- शहर की वर्षों पुरानी जाम समस्या में महत्वपूर्ण सुधार
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, “रायपुर की जनता की सुविधा और सुरक्षित यातायात व्यवस्था मेरी पहली प्राथमिकता है। मैं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने जनहित के इस प्रस्ताव को तुरंत स्वीकार किया।”
यह निर्णय रायपुर के यातायात सुधार की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है और इसे सांसद अग्रवाल के सक्रिय, दूरदर्शी और जनकेंद्रित नेतृत्व की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।








