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कांकेर में बड़ी सफलता: डीवीसीएम माओवादी मल्लेश ने किया सरेंडर, BBM डिवीजन के 15 नक्सली भी आत्मसमर्पण को तैयार

कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। लंबे समय से सक्रिय डीवीसीएम रैंक के माओवादी मल्लेश ने कांकेर पुलिस और बीएसएफ के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। वह एके-47 रायफल के साथ छोटेबेठिया थाना पहुंचा और ग्रामीणों की मौजूदगी में हथियार डाल दिए।

जानकारी के अनुसार, डिवीजनल कमेटी मेंबर (DVCM) रैंक का यह माओवादी लंबे समय से संगठन में सक्रिय था। फिलहाल पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटी है। इसे सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।


BBM डिवीजन के 15 नक्सली करेंगे आत्मसमर्पण

इधर छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर सक्रिय CPI (माओवादी) के बलांगीर-बरगढ़-महासमुंद (BBM) डिवीजन के 15 नक्सलियों ने भी हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने की घोषणा की है। पश्चिम सब ब्यूरो सचिव ‘विकास’ ने प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा को पत्र लिखकर मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई है।

पत्र में बताया गया है कि कुल 15 माओवादी सदस्य—जिनमें DVC, AC और PM रैंक के कैडर शामिल हैं- 2 या 3 मार्च तक आत्मसमर्पण करेंगे। इनमें 14 सदस्य छत्तीसगढ़ के और एक तेलंगाना का है। पूरा दल फिलहाल ओडिशा में है और महासमुंद जिले में सरेंडर की तैयारी कर रहा है।


गृह मंत्री का बयान

गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि माओवादी संगठन ने रेडियो संदेश के माध्यम से सुरक्षा गारंटी की मांग की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार पुनर्वास नीति पर पहले से काम कर रही है और आत्मसमर्पण करने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। जल्द ही वीडियो संदेश जारी कर पूरी प्रक्रिया स्पष्ट की जाएगी।


पत्र में उठाए गए प्रमुख मुद्दे

‘विकास’ ने अपने पत्र में बदलते सामाजिक-राजनीतिक हालात का हवाला देते हुए सशस्त्र संघर्ष जारी रखने को अनुचित बताया। साथ ही निम्न मांगें रखीं-

  • रेडियो संदेश के जरिए सुरक्षा की गारंटी
  • कंबिंग ऑपरेशन रोकने का अनुरोध
  • पुनर्वास प्रक्रिया में पारदर्शिता
  • पुराने मामलों और जेल में बंद साथियों पर स्पष्ट नीति
  • संविधान के दायरे में राजनीतिक गतिविधि की अनुमति

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि केंद्रीय समिति से स्पष्ट दिशा नहीं मिलने के बाद BBM डिवीजन ने स्वतंत्र निर्णय लिया है। बीमार कैडरों के कारण थोड़ी देरी हुई, लेकिन 1 मार्च तक सभी सदस्य एक स्थान पर जुट जाएंगे और 2 या 3 मार्च को औपचारिक आत्मसमर्पण करेंगे।


कांकेर में मल्लेश के सरेंडर और BBM डिवीजन के 15 नक्सलियों की घोषणा को राज्य में नक्सल मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। आने वाले दिनों में आत्मसमर्पण की प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

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