रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात एक पुलिस जवान ने खाली प्लॉट में पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक जवान राजेंद्र नगर पुलिस लाइन में ही रहता था और उसी लाइन में उसकी ड्यूटी भी थी। घटना से पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है।
सूत्रों के अनुसार, जवान सोमवार शाम को रोज की तरह पुलिस लाइन से बाहर निकला था, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटा। देर रात करीब 12 बजे स्थानीय लोगों ने पुलिस लाइन के पास एक खाली प्लॉट में पेड़ पर उसका शव लटकता देखा और तुरंत 112 डायल को सूचना दी। मौके पर पहुंची राजेंद्र नगर पुलिस ने शव को नीचे उतारा और पहचान की तो सभी दंग रह गए।
मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने मामला मर्ग कायम कर लिया है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। प्रारंभिक जांच में सहकर्मियों ने बताया कि मृतक जवान पिछले कुछ दिनों से चुप-चुप और उदास रहता था। उसे मानसिक तनाव था, लेकिन उसने किसी से कोई बात साझा नहीं की थी। परिवार वाले भी किसी बड़े विवाद या आर्थिक परेशानी से इनकार कर रहे हैं।

पुलिस अब जवान के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, चैट और लोकेशन हिस्ट्री खंगाल रही है। साथ ही उसके करीबी साथियों व परिजनों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
पुलिस महकमे में हड़कंप, मानसिक स्वास्थ्य पर फिर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथी जवानों ने बताया कि मृतक बेहद शांत स्वभाव का था और ड्यूटी में कभी लापरवाही नहीं बरतता था। अचानक इस कदम से सभी स्तब्ध हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों ने घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि विभाग जल्द ही सभी पुलिस लाइनों में काउंसलिंग सेशन और स्ट्रेस मैनेजमेंट प्रोग्राम को और मजबूत करेगा। फिलहाल पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोन की तकनीकी जांच के बाद ही आत्महत्या के सही कारणों का पता चल सकेगा।








