बलौदा बाजार। पलारी थाना क्षेत्र के छेरकाडीह गांव में 25 साल की गर्भवती महिला की मौत के मामले ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। मृतका इंदु साहू को सामान्य सर्दी-खांसी की शिकायत थी। वह गांव के कथित झोलाछाप डॉक्टर जयंत साहू के क्लिनिक गई थी, जहां इलाज के दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और महिला बेहोश हो गई।
इंजेक्शन लगाने के बाद बिगड़ी तबीयत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला को इंजेक्शन दिए जाने के कुछ ही मिनटों में उल्टियां होने लगीं और वह जमीन पर गिर गई। कथित डॉक्टर का कहना है कि पानी पिलाने के बाद महिला कुछ समय के लिए होश में आई, लेकिन फिर से अचेत हो गई।
अस्पताल पहुंचने से पहले मौत
इंदु साहू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि महिला की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी।
पोस्टमार्टम नहीं कराया, सीधे अंतिम संस्कार
अस्पताल में चार घंटे चर्चा के बाद परिवार ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। इसके बाद शव को परिजनों को सौंपकर शाम को अंतिम संस्कार कर दिया गया।
प्रशासनिक चुप्पी और सवाल
अब तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया और क्लिनिक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीण इलाकों में बिना डिग्री के इलाज करने वाले झोलाछाप डॉक्टरों का नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है।
कानूनी प्रक्रिया जटिल
बिना पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार हो जाने से कानून की प्रक्रिया मुश्किल हो गई है। भविष्य में अगर शिकायत दर्ज होती है तो साक्ष्यों की कमी जांच में बाधक बन सकती है। कानून के जानकारों का मानना है कि संदिग्ध मौत के मामलों में प्रशासन स्वतः संज्ञान लेकर जांच कर सकता है।
गांव में शोक का माहौल है और परिजन अभी भी सदमे में हैं।








