रायपुर। छत्तीसगढ़ में डीजीपी (पुलिस प्रमुख) के पूर्णकालिक पद की नियुक्ति मामले में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। यूपीएससी ने राज्य सरकार के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर कहा है कि डीजीपी पद पर नियुक्ति संबंधी अधिसूचना की एक प्रति प्रस्तुत करें या देरी का कारण स्पष्ट करें।
अपर मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार पिंगुआ को भी इस संबंध में पत्र भेजा गया है। यूपीएससी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में अरुण देव गौतम डीजीपी के रूप में कार्यरत हैं, लेकिन उनकी नियुक्ति पूर्णकालिक नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला
यूपीएससी ने अपने पत्र में 2018 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लेख किया है, जिसमें राज्य सरकार को निर्देश दिया गया था कि वह आयोग द्वारा तैयार पैनल में से किसी एक अधिकारी को तुरंत डीजीपी के पद पर नियुक्त करे। आयोग ने कहा कि अगर राज्य सरकार समय पर नियुक्ति प्रस्ताव नहीं भेजती है तो यूपीएससी अदालत के समक्ष उचित कार्रवाई करेगा और देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
राज्य सरकार से नियुक्ति अधिसूचना की प्रतीक्षा की जा रही है। इस मुद्दे की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी, जिससे पूर्णकालिक डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो सके।










