सक्ती: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। जैजैपुर ब्लॉक के जर्वे गांव में एक सनकी आरोपी ने जमीन विवाद के चलते एक दिव्यांग शिक्षक की न केवल हत्या की, बल्कि साक्ष्य छुपाने के लिए उसकी लाश को उसकी ट्राइसाइकिल समेत बाड़ी में जला दिया।
₹17 लाख और जमीन का विवाद बना मौत का कारण
मृतक देवानंद भारद्वाज (42 वर्ष), जो पेशे से शिक्षक थे, उनका गांव के ही टिमन मनहर से जमीन खरीदी-बिक्री को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। 18 मार्च की शाम करीब 5 बजे, एक पान दुकान के पास दोनों के बीच तीखी बहस हुई।
शिक्षक देवानंद ने अपने ₹17 लाख वापस मांगे थे, जो उन्होंने जमीन के लिए आरोपी को दिए थे। देवानंद का कहना था, “या तो जमीन की रजिस्ट्री करो या मेरे पैसे वापस दो।” इसी बात से तैश में आकर आरोपी टिमन ने पीछे से दिव्यांग शिक्षक की गर्दन पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर दिए। निहत्थे और दिव्यांग शिक्षक को संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
क्रूरता की हदें पार: बाड़ी में जलाया शव
हत्या के बाद आरोपी की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। वह मृत शिक्षक के शव को उनकी ही ट्राइसाइकिल पर लादकर अपनी बाड़ी में ले गया और वहां आग लगा दी। शाम के वक्त बाड़ी से उठती लपटों को देख ग्रामीणों ने वीडियो बनाया और सरपंच को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
दो मासूमों के सिर से उठा साया, कौन थामेगा हाथ?
इस हत्याकांड का सबसे दुखद पहलू यह है कि मृतक देवानंद के दो छोटे बच्चे—10 वर्षीय बेटी डिंपल और 4 वर्षीय बेटा दिव्यांश—अब पूरी तरह अनाथ हो गए हैं। पत्नी से अनबन के कारण वह पहले ही अलग रह रही थीं। ऐसे में दोनों पैरों से दिव्यांग पिता ही इन बच्चों की दुनिया थे। अब सवाल यह है कि इन मासूमों का भविष्य क्या होगा?
पुलिस की कार्रवाई और फरार आरोपी
घटना की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी और एसडीओपी समेत फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने आरोपी टिमन लाल मनहर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिससे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है।









