पेंड्रा। शिक्षा के मंदिर से आई एक तस्वीर ने सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चुकतीपानी के बाजारडाँड़ स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई के समय बच्चों से मजदूरी कराए जाने का आरोप सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में स्कूली बच्चे जंगल से लकड़ियां ढोकर स्कूल लाते दिखाई दे रहे हैं।
स्कूल समय में ढोई गई लकड़ियां
बताया जा रहा है कि वीडियो स्कूल समय का है। जब बच्चों से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मध्यान्ह भोजन बनाने के लिए उनसे लकड़ियां मंगवाई गई थीं। जिन हाथों में किताबें और कॉपियां होनी चाहिए थीं, उन्हीं कंधों पर लकड़ियों का बोझ नजर आया।
इस घटना ने ‘पढ़ेगा इंडिया, तभी तो बढ़ेगा इंडिया’ जैसे नारों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिड डे मील के लिए बच्चों से काम?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मध्यान्ह भोजन योजना के तहत ईंधन की व्यवस्था सही ढंग से होती, तो बच्चों से यह काम नहीं कराया जाता। एक ओर छात्र परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर उनसे ईंधन जुटाने का काम कराया जाना चिंताजनक है।
जांच के आदेश
मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने कहा कि वीडियो उनके संज्ञान में आया है और यह बेहद निंदनीय है। उन्होंने मामले की जांच कर संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय-समय पर निरीक्षण और निगरानी होती, तो बच्चों को इस तरह श्रम नहीं करना पड़ता।








