वाड्रफनगर विकासखंड के शारदापुर में हुए हादसे के बाद शिक्षा विभाग ने प्राथमिक जांच में स्कूल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही पाई है। मध्याह्न भोजन के बाद बच्चों की निगरानी में चूक के कारण प्रधान पाठक (Headmaster) ममता गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही स्कूल में पदस्थ तीन अन्य शिक्षकों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर जवाब मांगा गया है। प्रशासन का मानना है कि यदि शिक्षक सतर्क होते, तो मासूम को निर्माणाधीन असुरक्षित भवन के पास जाने से रोका जा सकता था।
सरपंच और सचिव पर गिरी गाज, दर्ज हुई FIR
हादसे का मुख्य कारण आंगनबाड़ी भवन का घटिया निर्माण बताया जा रहा है। जांच में सामने आया कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों और गुणवत्ता की घोर अनदेखी की गई थी। इसके लिए निर्माण एजेंसी के रूप में जिम्मेदार ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव के विरुद्ध पुलिस ने एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। उन पर गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही बरतने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है।

परिजनों का आक्रोश: अंतिम संस्कार करने से किया मना
घटना के दूसरे दिन भी गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। मृतक छात्र के शोकाकुल परिजनों ने अभी तक बच्चे का अंतिम संस्कार नहीं किया है। उनकी मांग है कि दोषियों पर न केवल कागजी कार्रवाई हो, बल्कि उन्हें सख्त सजा मिले और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। ग्रामीण और परिजन मौके पर डटे हुए हैं, जिससे स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
क्या था पूरा मामला?
बीते दिन वाड्रफनगर के माध्यमिक शाला खुटहन पारा में 6वीं कक्षा का एक छात्र मध्याह्न भोजन (Mid-day Meal) के बाद खेल रहा था। इसी दौरान पास ही बन रहे आंगनबाड़ी केंद्र का छज्जा उस पर गिर गया। मलबे में दबने से छात्र की मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया था।










