राजनांदगांव। वरिष्ठ भाजपा नेता, समाजसेवी और उद्यमी सुरेश डुलानी का आज लगभग 67 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। आज दोपहर करीब 12:35 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से शहर और भाजपा संगठन में शोक की लहर फैल गई।
शाम 5 बजे लालबाग हाउसिंग बोर्ड स्थित उनके निवास से अंतिम यात्रा निकाली गई, जो लखोली स्थित मुक्तिधाम पहुंची, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा नेता, उद्योगपति, समाजसेवी और शहर के गणमान्य नागरिक शामिल हुए। मुखाग्नि उनके सुपुत्र रवि डुलानी ने दी।
भरा-पूरा परिवार छोड़ गए
स्वर्गीय सुरेश डुलानी अपने पीछे धर्मपत्नी, पुत्र रवि डुलानी, पुत्रवधू और नाती-पोतों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। वे प्रसिद्ध एमडी मेडिसिन चिकित्सक डॉ. एम.डी. डुलानी के छोटे भाई और व्यवसाय से जुड़े राजकुमार डुलानी व संजय डुलानी के बड़े भाई थे।
भाजपा के कद्दावर नेताओं में थी गिनती
सुरेश डुलानी को भाजपा के कद्दावर नेताओं में गिना जाता था। हालांकि पिछले कुछ समय से वे सक्रिय राजनीति से दूर थे, लेकिन 80 और 90 के दशक में पार्टी संगठन में उनका विशेष प्रभाव था। भाजपा के संघर्ष के दौर में संगठन को मजबूत करने में उनका योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है।
संगठन में निभाई अहम भूमिका
सुरेश डुलानी शुरुआत में समाजवादी विचारधारा से जुड़े रहे, लेकिन बाद में भाजपा में शामिल हो गए। वर्ष 1992 में वे पहली बार जिला भाजपा के महामंत्री बने और लगभग 6 वर्षों तक इस पद पर रहे। संगठन में उनकी कार्यशैली के कारण उन्हें भाजपा के मजबूत और प्रभावशाली महामंत्रियों में गिना जाता था।
कई सामाजिक संस्थाओं से जुड़े रहे
वे पूज्य सिंधी पंचायत, गौशाला पिंजरा पोल, उदयाचल, राम दरबार समिति और चेंबर ऑफ कॉमर्स सहित कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं से जुड़े रहे और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे।
भाजपा नेताओं ने जताया शोक
अंतिम संस्कार के दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता अशोक शर्मा, खूबचंद पारख, सुरेश लाल, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, महापौर मधुसूदन यादव, जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत, संतोष अग्रवाल, सचिन बघेल, रमेश पटेल सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समाजसेवी उपस्थित रहे।
मुक्तिधाम में आयोजित शोकसभा में वक्ताओं ने स्वर्गीय सुरेश डुलानी के निधन को भाजपा संगठन, सिंधी समाज और शहर के सामाजिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति बताया।










