बिलासपुर, 19 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हाल ही में हुई सराफा व्यापारी पर गोलीबारी और लूट की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस वारदात से शहर में दहशत का माहौल बन गया था। दिनदहाड़े हुई इस घटना ने व्यापारियों और आम नागरिकों को हिला कर रख दिया था। हालांकि, पुलिस की त्वरित और सुनियोजित कार्रवाई के चलते अब इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
रेंज आईजी ने दी आधिकारिक जानकारी
रेंज आईजी रामगोपाल गर्ग ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस मामले में कुल पांच आरोपियों को पकड़ा गया है। इनमें से चार आरोपियों को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक सहयोगी आरोपी को बिलासपुर से हिरासत में लिया गया। उन्होंने बताया कि फिलहाल सभी आरोपी उत्तर प्रदेश में हैं और उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर छत्तीसगढ़ लाने की प्रक्रिया जारी है। इसके बाद उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा।
मुख्य आरोपी आदतन अपराधी
पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना विजय लांबा एक कुख्यात और आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ लूट, डकैती और अन्य गंभीर अपराधों के 70 से अधिक मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि शहर में पूर्व में हुई एक अन्य लूट की वारदात में भी उसकी संलिप्तता रही है।
कई राज्यों तक फैला नेटवर्क
जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह गिरोह एक संगठित आपराधिक नेटवर्क के रूप में काम करता है। इसके सदस्य उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और बिलासपुर से जुड़े हुए हैं। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से रेकी कर वारदातों को अंजाम देता है और घटना के बाद तुरंत राज्य बदल देता है, जिससे गिरफ्तारी में कठिनाई होती है।
ऐसे पहुंची पुलिस आरोपियों तक
घटना के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और मुखबिरों की सूचना के आधार पर जांच शुरू की। अलग-अलग टीमों का गठन कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई।
लगातार निगरानी और सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मिर्जापुर में छापेमारी कर चार आरोपियों को धर दबोचा। इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। वहीं, एक अन्य आरोपी को बिलासपुर से हिरासत में लिया गया।
हथियार और साजिश की जांच जारी
फिलहाल आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में प्रयुक्त हथियार कहां से लाए गए थे, गिरोह ने लूट की योजना कब और कैसे बनाई, तथा इस अपराध में और कौन-कौन शामिल था।
साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस गिरोह का संबंध अन्य राज्यों में हुई समान घटनाओं से भी है। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय रहा है।
व्यापारियों में राहत, पुलिस ने दिया आश्वासन
घटना के बाद जहां व्यापारियों में भय का माहौल था, वहीं आरोपियों की गिरफ्तारी से अब कुछ राहत महसूस की जा रही है। आईजी रामगोपाल गर्ग ने भरोसा दिलाया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की भी पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।










