रायपुर। जशपुर जिले सिटी कोतवाली प्रभारी आशीष तिवारी को एसएसपी शशि मोहन सिंह ने निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उस केस में एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी को लेकर की गई है जिसमें एक शिक्षक पर कक्षा 10वीं की छात्रा से दुष्कर्म का गंभीर आरोप है।
सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली कक्षा 10वीं की छात्रा ने शिकायत में बताया कि वह वर्ष 2024 से आरोपी शिक्षक गिरधारी राम यादव के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी और घर का काम भी करती थी। इस दौरान आरोपी ने कई बार उससे छेड़छाड़ और दुष्कर्म किया।
15 नवंबर को कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 74, 75, 65(2)(M), 65(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 व 8 के तहत मामला दर्ज किया। एफआईआर दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

वहीं एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि नाबालिग से दुष्कर्म जैसे संवेदनशील मामले में एफआईआर दर्ज करने में देरी करना गंभीर लापरवाही है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक आशीष तिवारी को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच एसडीओपी को सौंपी गई है।
एसएसपी सिंह ने बताया की इस मामले में पीड़िता के स्वजनों द्वारा थाना में सूचना देने के बावजूद आरोपित शिक्षक गिरधारी यादव के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने में देरी की गई। इस लापरवाही पर कोतवाली प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई की गईं है। इस मामले की जांच की जिम्मेदारी जशपुर के एसडीओपी चंद्रशेखर परमा को दिया गया है। एसडीओपी परमा सात दिनों के अंदर जांच रिपोर्ट देंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी।








