सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड के लांजित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति रविवार सुबह उस समय सामने आ गई, जब प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को अस्पताल पहुंचाने पर वहां ताला लटका मिला। अस्पताल में स्टाफ का कोई नामोनिशान नहीं था। मजबूरन परिजनों ने गर्भवती को कार में ओड़गी ले जाना शुरू किया, लेकिन रास्ते में ही महिला ने नवजात शिशु को जन्म दे दिया। यह पूरी घटना सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले की स्वास्थ्य प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
लांजित के खाल पारा निवासी सुखलाल उरांव ने रविवार सुबह लगभग 9:45 बजे अपनी गर्भवती पत्नी संगीता को प्रसव पीड़ा बढ़ने पर बाइक से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लांजित पहुंचाया। लेकिन अस्पताल में ताला लगा देखकर वे हैरान रह गए। महिला दर्द से कराह रही थी, जबकि वहां कोई डॉक्टर या स्टाफ मौजूद नहीं था।
ग्रामीणों ने तत्काल बीएमओ ओड़गी और अधिकारियों को सूचना दी। बीएमओ डॉ. बंटी बैरागी ने महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ओड़गी ले जाने को कहा। परिजन उसे कार में बैठाकर ओड़गी की ओर रवाना हुए, तभी महिला ने रास्ते में ही बच्चे को जन्म दे दिया।
इसी बीच लांजित पीएचसी के आयुर्वेदिक डॉक्टर आर.के. पटेल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने तुरंत जच्चा–बच्चा को भर्ती कर इलाज शुरू किया। दोनों की स्थिति फिलहाल स्वस्थ बताई जा रही है। घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और वे लापरवाह स्टाफ के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जांच में खुलासा हुआ कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लांजित में एक भी नियमित डॉक्टर या कर्मचारी नहीं है। सिर्फ एक संविदा आयुर्वेदिक डॉक्टर, एनएचएम से एक स्टाफ नर्स (घटना वाले दिन अवकाश पर), एक फार्मासिस्ट, वार्ड आया, आयुष्मान ऑपरेटर और कार्यालय सहायक व्यवस्था संभाल रहे हैं, स्थिति यह है कि अस्पताल पूरी तरह अस्थायी स्टाफ के भरोसे चल रहा है, जिससे राज्य सरकार के स्वास्थ्य दावों पर सवाल उठ रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कलेक्टर से बात कर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटना वायरल होते ही प्रशासन हरकत में आ गया है। बीएमओ डॉ. बैरागी ने पीएचसी लांजित के संपूर्ण स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है। उन्होंने स्वीकार किया कि स्टाफ नर्स छुट्टी पर थी और डॉक्टर पटेल किसी अन्य गांव गए हुए थे। हालांकि तब तक महिला का प्रसव कार में हो चुका था।










