रायपुर। राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र स्थित भाठागांव न्यू बस स्टैंड से बस चोरी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान मनबोध रात्रे उर्फ टेटू (24 वर्ष) निवासी गेवरा बस्ती, जिला कोरबा के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 10 लाख रुपये कीमत की बस (क्रमांक CG 07 E 0782) भी बरामद कर ली है।
बस स्टैंड से चोरी हुई थी बस
पुलिस के अनुसार प्रार्थी अब्दुल अलीम, जो डुमतराई रायपुर में रहते हैं और बस ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करते हैं, उनकी बस 6 मार्च 2026 की शाम करीब 7:30 बजे भाठागांव न्यू बस स्टैंड में खड़ी की गई थी। बस चालक चाबी चालक सीट के नीचे रखकर अपने घर चला गया था।
अगली सुबह 7 मार्च को जब चालक बस लेने पहुंचा तो बस वहां से गायब थी। इसके बाद प्रार्थी ने टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 197/2026 धारा 305 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
हजारों CCTV फुटेज खंगाले
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) संदीप कुमार पटेल और पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
इसके बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और टिकरापारा थाना पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे हजारों CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले और बस के संभावित रास्तों की भी जांच की।
फास्टैग और तकनीकी जांच से मिला सुराग
पुलिस ने बस में लगे फास्टैग के जरिए टोल प्लाजा से भी जानकारी जुटाई और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान मनबोध रात्रे उर्फ टेटू के रूप में की।
इसके बाद सूचना मिली कि आरोपी जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र के ग्राम तरौंद में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
हेल्पर का काम करता था आरोपी
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह न्यू बस स्टैंड भाठागांव में हेल्पर का काम करता था और बसों की गतिविधियों से परिचित था। घटना के दिन उसने देखा कि बस में कोई नहीं है और चाबी सीट के नीचे रखी है। मौका पाकर उसने चाबी उठाई और बस को खुद चलाकर वहां से चोरी कर ले गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी की बस बरामद कर ली है और उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस कार्रवाई में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट के प्रभारी निरीक्षक सचिन सिंह, उपनिरीक्षक मंगलेश्वर सिंह परिहार, गुरूदयाल सिंह, राकेश सोनी, तुकेश निषाद, भूपेन्द्र मिश्रा, अजय चौधरी तथा टिकरापारा थाना के उपनिरीक्षक बालेश्वर लहरे, अरुण ध्रुव और दया शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।









