गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही को उजागर करने वाली एक दुखद घटना सामने आई है। इलाज के लिए रायपुर ले जाते समय एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म हो जाने से एक गंभीर रूप से बीमार युवक की रास्ते में ही मौत हो गई। मृतक की पहचान बसंत देवांगन के रूप में हुई है, जो निमोनिया से पीड़ित था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बसंत देवांगन की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे गरियाबंद स्थित निजी सोमेश्वर अस्पताल में भर्ती कराया था। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे एंबुलेंस के माध्यम से रायपुर ले जा रहे थे।
बताया जा रहा है कि गरियाबंद से रवाना होने के करीब 20 किलोमीटर बाद एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म हो गई। उस समय युवक को लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत थी। ऑक्सीजन बंद होते ही उसकी हालत तेजी से बिगड़ती चली गई और कुछ ही देर में उसने एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया। रास्ते में न तो ऑक्सीजन की वैकल्पिक व्यवस्था थी और न ही समय पर कोई मदद मिल सकी।
युवक की मौत के बाद आक्रोशित परिजन शव को लेकर वापस गरियाबंद स्थित निजी सोमेश्वर अस्पताल पहुंचे और अस्पताल परिसर के सामने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और एंबुलेंस सेवा पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यदि एंबुलेंस में पर्याप्त ऑक्सीजन या अतिरिक्त सिलेंडर की व्यवस्था होती, तो बसंत की जान बचाई जा सकती थी।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाइश दी। मामले की जांच की बात कही जा रही है। यह घटना एक बार फिर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है।








