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CG Weather Update: प्रदेश में मौसम ने ली करवट, अगले 48 घंटे बारिश और आंधी के आसार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ले ली है, जिसका असर अब प्रदेशभर में देखने को मिल रहा है। गुरुवार को कई स्थानों पर हल्की बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 21.3 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम है। वहीं वातावरण में नमी 65 प्रतिशत तक रही और आसमान में करीब 80 प्रतिशत बादल छाए रहे।

द्रोणिका और चक्रवाती सिस्टम का असर
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी मध्य प्रदेश से विदर्भ और मराठवाड़ा तक द्रोणिका सक्रिय है, जिसके साथ चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश में भी एक चक्रवाती सिस्टम सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण वातावरण में नमी बढ़ी है, जिससे बादल बनने और बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं।

तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश के कुछ इलाकों में 40 से 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही गरज-चमक और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है। शुक्रवार को रायपुर में आंशिक बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश या गरज-चमक के आसार हैं।

जिलों का तापमान
प्रदेश में सबसे अधिक तापमान दुर्ग में 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में रहा। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री, अंबिकापुर में 33.4 डिग्री और पेंड्रारोड में 33.6 डिग्री दर्ज किया गया। अधिकांश स्थानों पर तापमान सामान्य से कम या उसके आसपास बना हुआ है।

आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। साथ ही 40-50 किमी प्रतिघंटा की तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। अगले दो दिनों तक हल्की बारिश और 30-40 किमी प्रतिघंटा की हवाएं चलने के आसार हैं। इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे 3 से 5 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है।

मार्च में कम रही बारिश
मार्च के पहले 19 दिनों में प्रदेश में सामान्य 6.6 मिमी के मुकाबले केवल 2.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। कई जिलों में बारिश नहीं हुई। रायपुर में 56 प्रतिशत वर्षा की कमी रही, जबकि बालोद, दुर्ग और कोरबा में 100 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई। हालांकि दंतेवाड़ा, गरियाबंद और बस्तर में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है।

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