कोटा – छत्तीसगढ़ के कोटा क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। रतनपुर के रैनपुर के पास तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई, जिसमें फॉरेस्ट विभाग में पदस्थ अमरनाथ पटेल की मौके पर ही मौत हो गई।
हेलमेट नहीं पहनना पड़ा भारी
जानकारी के अनुसार, अमरनाथ पटेल हरदी बाजार के निवासी थे और वर्तमान में गुरसिया में पदस्थ थे। वे शासकीय कार्य से लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। दुर्घटना के समय उन्होंने हेलमेट नहीं पहना था, जिससे सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
साथी युवक गंभीर रूप से घायल
बाइक पर सवार उनका एक साथी भी हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही रतनपुर पुलिस मौके पर पहुंची, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
सरगुजा में 12 घंटे में 8 मौतें, कई हादसों ने दहलाया
सरगुजा – बीते दिनों सरगुजा क्षेत्र में अलग-अलग सड़क हादसों में 12 घंटे के भीतर 8 लोगों की मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में भय और शोक का माहौल है।
एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
प्रतापपुर-अंबिकापुर मार्ग के सकालो जंगल में तेज रफ्तार ट्रक ने कार को टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में पति-पत्नी और उनके बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक गंभीर रूप से घायल है।
अन्य हादसों में भी गई जान
- भीठीकला गांव में तीन महिलाओं की मौत
- मणिपुर थाना क्षेत्र में पिकअप की टक्कर से दो युवकों की मौत
- सकालो जंगल में फिर तीन लोगों की जान गई
हादसे के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया और पुलिस को यातायात बहाल करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। लगातार हो रही दुर्घटनाओं से ग्रामीणों में डर का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। लोगों ने प्रशासन से सख्त ट्रैफिक नियम, स्पीड कंट्रोल और सड़क सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है।
सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल
तेज रफ्तार और शराब के नशे में वाहन चलाना इन हादसों की मुख्य वजह मानी जा रही है। ये घटनाएं साफ संकेत देती हैं कि यदि समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे आगे भी जारी रह सकते हैं।










