Trendingछत्तीसगढबड़ी खबर

CG NEWS: पढ़ाई का दबाव या कुछ और? 48 घण्टे में 4 स्कूली छात्रों ने फांसी लगाकर दी जान

कोरबा। प्रतिस्पर्धा के दौर में स्कूली छात्रों ने मध्य भी परीक्षा में बेहतर परिणाम और अधिक अंक लाने का एक अलग ही कॉम्पिटिशन आरम्भ हो गया है ।यही वजह है कि जो छात्र अपने वर्ष भी की तैयारी से संतुष्ट नहीं रहते वे आत्महत्या जैसा घातक कदम उठा रहे है ।
बात की जाए कोरबा जिले की तो बीते 48 घंटे में 4 स्कूली छात्रों ने आत्महत्या कर ली है ।

जहां पहली घटना कोतवाली थाना अंतर्गत इंद्रानगर दुरपा वार्ड नम्बर 5 का है, कक्षा 10 वी में पढ़ने वाली है 17 वर्षीय अंजली केंवट ने अपने ही घर के लगे लोहे के एंगल में रस्सी से फांसी लगाकर जान दे दी।बताया जा रहा है कि दिलीप केंवट का परिवार निवास करता है जो राज मिस्त्री का काम करता है।उनके दो बेटे और एक लौती पुत्र अंजली थी।मंगलवार की सुबह सभी दिलीप और उसकी पत्नी काम पर चले थे मृतक अजंली के भाई कार्तिक ने बताया कि अजंली दुरपा रोड स्थित लवली केयर स्कूल में पढ़ाई करती थी और 10 बोर्ड पेपर था स्कूल नही जा रही थी घर पर ही पेपर की तैयारी में जुटी हुई थी उसने यह घातक क्यो उठाया ये समझ से परे है।हो सकता है पढ़ाई के दबाव के चलते उसने ये कदम उठाया होगा।

इस मामले में जिला अस्पताल चौकी पुलिस ने बयान दर्ज कर कर शव का पंचनामा कारवाही की है।

वही दूसरी घटना उरगा थाना अंतर्गत धमनागुड़ी मोहार गांव का है।जहा मंगलवार को 9वीं में पढ़ाई करने वाली 16 साल की गीता महंत नामक छात्रा ने गांव से लगे तालाब के पास पेड़ में फांसी लगाकर जान दे दी।बताया जा रहा है मंगलवार 11 बजे लगभग घर से नहाने के लिए घर से अकेले निकली और उसने गांव से लगे कोसम पेड़ में फांसी लगाकर जान दे दी।ग्रमीणो कि सूचना पर उरगा थाना पुलिस मौके पर पहुची और आगे की कारवाही शुरू की।

बताया जा रहा है कि सितम्बर माह में गीता की माँ की अचानक तबियत खराब होने के बाद मौत हो गई जिसके बाद से वो परेशान रहा करती थी और पढ़ाई पर भी प्रभाव पड़ने लगा था जिससे परेशान थी।
उरगा थाना प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि सूचना मिलते ही मौके पर परिजनों का बयान दर्ज किया गया है।

तीसरी घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर आईटीआई बस्ती की घटना है जहाँ बुधवार को एसईसीएल डीएवी पब्लिक स्कूल में 12वीं में पढ़ाई करने वाले 17 वर्षीय उज्जवल डनसेना उर्फ ध्रुव ने घर के अंदर कमरे में पंखे से फांसी लगाकर जान दे दिया।

बताया जा रहा है कि मृतक 17 वर्षीय उज्जवल डनसेना 12वीं का छात्र था और dav में कॉमर्स विषय लेकर पढ़ाई कर रहा था।बी सेक्शन में था और क्लास मॉनिटर था। बुधवार को 10 बजे से 1 बजे तक पहला पेपर सेंट जेवियर स्कूल में फिजिकल एजुकेशन पेपर था। जब उज्जवल पेपर के समय मे स्कूल नही पहुचा इस दौरान उसके स्कूल के कुछ टीचर उसके घर पहुंचे इस दौरान अंदर से दरवाजा बंद था काफी आवाज देने के बाद भी वह नहीं खोला। और घर के अंदर फुल साउंड में टीवी और गाना चल रहा था। खिड़की से जब जाकर देखा तो उसकी लाश पंखे पर लटक रही थी।

कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि मौके से सुसाईट नोट बरामद किया गया है जो अग्रेजी में लिखा हुआ है। सुसाइड नोट में लिखा हुआ है कि करने के बाद उसकी लाश को मेडिकल कॉलेज में दिया जाए।

वही चौथी घटना बुधवार की है जहा सिविल लाइन थाना का है जो 12वी के छात्र ने फांसी लगा लिया।सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सीएसईबी कॉलोनी के मकान में दीपांशु कौशिक पिता गजेन्द्र कौशिक निवासरत था। घटना के दौरान वह घर पर अकेला था। दीपांशु ने किन कारणों को लेकर आत्मघाती कदम उठाया है, इसकी विवेचना पुलिस द्वारा की जा रही है।

बताया बताया जा रहा है कि दीपांशु कभी पेपर चल रहा है और तैयारी में लगा हुआ था और उसने फांसी लगाकर जान दे दी।

जिला मेडिकल कॉलेज के ​डॉ. अंकित गुप्ता, मनोरोग विशेषज्ञ की माने तो ​परीक्षा नजदीक होने पर बच्चों में पहले ही स्ट्रेस रहता है। इसलिए पेरेंट्स बच्चों पर अत्यधिक दबाव न डालें। दूसरे बच्चों से तुलना करने से भी बचें क्योंकि इससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। उनमें तनाव, अवसाद, हीन भावना और आत्मविश्वास में कमी आ सकती है। संयुक्त परिवार नहीं होने व संवाद की कमी के कारण वर्तमान दौर में बच्चे परिजन से अपनी मन की बात, तनाव की जानकारी शेयर नहीं कर पाते हैं। इसलिए उनसे संवाद बढ़ाकर उनकी बात सुनें। तनाव, डर या चिड़चिड़ेपन के कारणों को समझें। उनकी गलतियों पर डांटने के बजाय सही मार्गदर्शन देकर सुधार के लिए प्रेरित करें।

Related Posts

1 of 184