रायपुर। राजधानी के संतोषी नगर इलाके में गुरुवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। महज डेढ़ साल के बच्चे की एक छोटी सी हरकत से शुरू हुए विवाद ने इतना तड़के रूप ले लिया कि एक महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी। घटना के बाद अस्पताल परिसर ही अखाड़ा बन गया, जहां मृतका के मायके और ससुराल पक्ष के बीच जमकर मारपीट हुई।
विवाद की शुरुआत: बच्चे की लात और मां का गुस्सा
घटना गुरुवार शाम की है। संतोषी नगर निवासी इरशाद खान अपनी पत्नी यास्मिन बानो और दो जुड़वां बच्चों के साथ एक शादी समारोह में जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच, खेलते-खेलते डेढ़ साल के बच्चे ने अपनी मां (यास्मिन) को लात मार दी। मां ने बच्चे को डांटा, जिसे लेकर पति-पत्नी के बीच बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि यास्मिन ने शादी में जाने से साफ मना कर दिया।
फांसी और अस्पताल में हाई-वोल्टेज ड्रामा
ससुराल पक्ष का दावा है कि विवाद से नाराज होकर यास्मिन ने कमरे में जाकर फांसी लगा ली। आनन-फानन में इरशाद ने उसे फंदे से उतारा और रिंग रोड स्थित नवाकार अस्पताल ले गया।
जैसे ही यास्मिन के मायके वालों को सूचना मिली, वे अस्पताल पहुंचे। वहां माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब मायके वालों ने इरशाद पर हत्या का आरोप लगाते हुए उसकी पिटाई शुरू कर दी। अस्पताल के भीतर ही दोनों पक्षों में जमकर लात-घूंसे चले। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद घंटों तक हंगामा होता रहा।
शुक्रवार शाम तोड़ा दम, हत्या या आत्महत्या?
शुक्रवार को दिन भर चले इलाज के बाद देर शाम यास्मिन की मौत हो गई। इस खबर के बाद तनाव और बढ़ गया। पिता रफीक खान का कहना है कि शादी के 6 साल से इरशाद उनकी बेटी को प्रताड़ित कर रहा था। उनका आरोप है कि यास्मिन के शरीर पर चोट के निशान हैं और उसे मारकर लटकाया गया है। उन्होंने अस्पताल के चयन पर भी सवाल उठाए कि पास के अस्पतालों को छोड़ उसे दूर क्यों ले जाया गया। इरशाद की मां समा परवीन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह केवल एक मामूली कहासुनी थी जिसके बाद यास्मिन ने आत्मघाती कदम उठाया।
टिकरापारा थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम (PM) के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह (दम घुटने से या चोट से) साफ हो पाएगी।
“महिला की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
– दीपक मिश्रा, सहायक पुलिस आयुक्त (ACP)









